
जमशेदपुर में अपने बच्चों को स्कूल भेजने वाले अभिभावकों के लिए एक बड़ी खबर है। शहर में स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों (वैन और ऑटो) का किराया बढ़ा दिया गया है। जमशेदपुर स्कूली वाहन सेवा संचालक समिति के अध्यक्ष संतोष मंडल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर किराए में वृद्धि और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कई अहम नियमों की घोषणा की है। पेट्रोल, डीजल और स्पेयर पार्ट्स की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए किराए में अधिकतम 200 रुपये की बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है।

दूरी और आपसी समन्वय के आधार पर तय होगा किराया
समिति ने स्पष्ट किया है कि किराए में यह वृद्धि अधिकतम 200 रुपये तक होगी। वाहन चालकों को निर्देश दिया गया है कि वे अभिभावकों के साथ आपसी समन्वय बैठाकर और स्कूल से घर की दूरी के आधार पर ही अंतिम दरें तय करें। यह फैसला बढ़ती महंगाई को देखते हुए लिया गया है ताकि वाहन चालकों को आर्थिक रूप से राहत मिल सके और काम सुचारू रूप से चल सके।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, ऑटो में ओवरलोडिंग पर सख्त रोक
किराए में बढ़ोतरी के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा पर सबसे अधिक ध्यान दिया गया है। समिति ने कड़ा निर्णय लिया है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं होगा। सभी चालकों को सरकारी मानकों के अनुसार ही वाहनों में बच्चों की संख्या निर्धारित करने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से ऑटो में होने वाली ओवरलोडिंग पर सख्त नाराजगी जताते हुए इसे रोकने को कहा गया है। नियम बनाया गया है कि बच्चों को ऑटो के भीतर ही सुरक्षित रूप से बैठाया जाए और पीछे के हिस्से में केवल उनका स्कूल बैग रखा जाए।
5 जुलाई से सदस्यता अभियान, वाहनों पर लगेंगे विशेष स्टीकर
समिति ने सभी स्कूली वाहन चालकों को जल्द से जल्द संगठन की सदस्यता ग्रहण करने का निर्देश दिया है। यह सदस्यता अभियान 5 जुलाई 2026 से आरंभ होकर 31 जुलाई तक चलेगा। 31 जुलाई के बाद सदस्यता लेने वाले चालकों को विलंब शुल्क देना होगा। सदस्यता लेने पर चालकों को एक मामूली शुल्क लेकर पहचान पत्र और गाड़ी के सामने शीशे पर लगाने के लिए एक विशेष स्टीकर दिया जाएगा। इस स्टीकर में रूट, चालक का नाम, गाड़ी मालिक का नाम, गाड़ी का पूरा विवरण और लाइसेंस नंबर जैसी आवश्यक जानकारियां दर्ज रहेंगी।
नियम तोड़ने और अफवाह फैलाने वालों की होगी शिकायत
संगठन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी वाहन चालक संस्था के कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करेगा, सरकारी नियमों के विरुद्ध कार्य करेगा या झूठी अफवाह फैलाकर अन्य चालकों को गुमराह करेगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। ऐसे चालकों की सीधी शिकायत स्थानीय प्रशासन के पास दर्ज कराई जाएगी। संगठन ने दोहराया है कि वह हमेशा बच्चों की सुरक्षा और वाहन चालकों के हित में ही कार्य करता रहेगा।


