
जमशेदपुर । बिरसानगर में बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के आवंटित मकानों की चाबी लाभुकों को अब तक नहीं मिलने का मामला गरमा गया है। इस मुद्दे को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy के बिष्टुपुर स्थित आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में JNAC के उप नगर आयुक्त Krishna Kumar, जुडको (JUIDCO) के प्रोजेक्ट मैनेजर Dhananjay Kumar और 75 से अधिक लाभुक शामिल हुए।
31 मई का अल्टीमेटम: अनशन की चेतावनी
बैठक में यह बात सामने आई कि आवास योजना क्षेत्र में सड़क, नाली और ड्रेनेज का काम अभी अधूरा है। विधायक Saryu Roy ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 मई तक हर हाल में बुनियादी कार्य पूरे कर लिए जाएं ताकि लाभुकों को चाबी सौंपी जा सके। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि यदि 31 मई तक प्रोजेक्ट तैयार नहीं होता और लाभुकों को उनके मकान की चाबी नहीं दी जाती, तो वे 1 जून से अनशन पर बैठ जाएंगे।
लाभुकों का फूटा गुस्सा: 8 साल का लंबा इंतजार
जुडको के प्रोजेक्ट मैनेजर Dhananjay Kumar ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि ड्रेन का टेंडर फाइनल हो गया है और सड़क का फंड पास होना बाकी है। काम पूरा होने में करीब एक महीने का समय लगेगा। इस आश्वासन पर लाभुक भड़क गए। उनका कहना था कि उन्हें 2023 से ही गृह प्रवेश का आश्वासन दिया जा रहा है। 8 साल बीत चुके हैं और अब 2026 आ गया है। कई लाभुकों ने लिखित तारीख की मांग करते हुए कहा कि वे 6 मई को ही गृह प्रवेश की तैयारी कर चुके थे।
इस पर JNAC के उप नगर आयुक्त Krishna Kumar ने स्पष्ट किया कि जब तक जुडको बुनियादी काम (सड़क, नाली, ड्रेन) पूरा कर प्रोजेक्ट JNAC को हैंडओवर नहीं करता, तब तक सिस्टम के तहत चाबी नहीं दी जा सकती।
मीटर कनेक्शन चार्ज में भारी अंतर पर उठे सवाल
बैठक में बिजली मीटर कनेक्शन चार्ज को लेकर भी बड़ा मुद्दा उठा। लाभुकों ने शिकायत की कि इसी योजना के तहत रांची में मीटर मुफ्त दिया गया, बोकारो में कनेक्शन के लिए 1500 रुपये लिए गए, जबकि जमशेदपुर में 13600 रुपये वसूले जा रहे हैं। एक ही योजना में अलग-अलग शहरों में चार्ज के इस भारी अंतर पर विधायक Saryu Roy ने तुरंत बोकारो के उपायुक्त को फोन किया और उनसे वास्तविक स्थिति की जानकारी मांगी।
अंततः बैठक में यही सहमति बनी कि 31 मई तक जुडको अपने सभी अधूरे कार्य पूर्ण करेगा। इसके बाद एक समारोह आयोजित कर जेएनएसी (JNAC) द्वारा लाभुकों को विधिवत चाबी सौंपी जाएगी।



