
जमशेदपुर सहित पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया उन्मूलन और वेक्टर जनित रोग (VBD) नियंत्रण कार्यक्रमों को धरातल पर मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह रेस हो गया है। जिले में चल रहे मलेरिया छिड़काव एवं भी0बी0डी0 से संबंधित कार्यों का पर्यवेक्षण तथा मूल्यांकन करने के लिए एक उच्च स्तरीय राज्य दल दो दिवसीय दौरे पर जमशेदपुर पहुंचा। राज्य (भी0बी0डी0) सलाहकार विनय कुमार तथा राज्य मलेरिया निरीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में इस टीम ने अनुमंडल अस्पताल घाटशिला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पोटका तथा मुसाबनी का विस्तृत भ्रमण कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया।

राज्य स्तरीय टीम का जमशेदपुर में स्वागत
दौरे की शुरुआत में सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल तथा जिला भी0बी0डी0 पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धाउड़िया ने राज्य स्तरीय टीम के सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस टीम में मलेरिया निरीक्षक अनिल कुमार, सलाहकार प्रशिक्षण विनय कुमार और पीरामल फाउंडेशन के नीरज कुमार शामिल थे। जिला भी0बी0डी0 पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धाउड़िया ने टीम को जमशेदपुर और ग्रामीण इलाकों में वर्तमान में चलाए जा रहे मलेरिया नियंत्रण अभियान और अब तक की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी।
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घाटशिला, पोटका और मुसाबनी में स्क्रीनिंग की जांच
स्टेट टीम ने सबसे पहले अनुमंडल अस्पताल घाटशिला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका तथा मुसाबनी में मलेरिया मरीजों की स्क्रीनिंग एवं जांच प्रक्रियाओं का औचक निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने ऑन-ड्यूटी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) और सहियाओं से सीधे बातचीत की। इस दौरान मलेरिया के लक्षण, डीडीटी (DDT) छिड़काव की स्थिति, एल0एल0आई0एन0 (LLIN) मेडिकेटेड मच्छरदानी वितरण और संदेहास्पद मरीजों की पहचान को लेकर कई तकनीकी प्रश्न पूछे गए और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
गर्भवती महिलाओं की मलेरिया जांच अनिवार्य: सिविल सर्जन
निरीक्षण के बाद सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर और पूरे जिले की सभी चिन्हित गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व (ANC) जांच के समय मलेरिया की जांच शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी0बी0डी0 कार्यक्रमों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने का आदेश दिया। डॉ. साहिर पाल ने राज्य टीम को भरोसा दिलाया कि हमारी टीम 24×7 मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।
आईआरएस (IRS) छिड़काव का भौतिक सत्यापन
अपने दौरे के दूसरे चरण में स्टेट टीम ने पोटका, मुसाबनी और घाटशिला के ग्रामीण इलाकों में चलाए जा रहे इंडोर रेसिडुअल स्प्रे (IRS) यानी कीटनाशक छिड़काव कार्य का भौतिक निरीक्षण किया। टीम ने देखा कि छिड़काव मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधि, पीरामल फाउंडेशन से नीरज कुमार तथा शशि भूषण मुख्य रूप से उपस्थित थे।


