जमशेदपुर ।
एसोसिएशन ऑफ पीपल अफेक्टेड बाय लेप्रोसी (APAL) के सौजन्य से शुक्रवार को बिनोभा कुष्ठ आश्रम, बर्मामाईंस में एक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य कुष्ठ सहित विभिन्न रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत अपाल इंडिया के उपाध्यक्ष जवाहर राम पासवान द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए इनके लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला कुष्ठ परामर्शी, पूर्वी सिंहभूम डॉ. राजीव लोचन महतो ने कहा कि सभी लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी श्रृंखला—रोकथाम, उपचार और पुनर्वास—तक समय पर और बिना किसी वित्तीय बोझ के पहुँच मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ तन और स्वस्थ मन—तो शरीर वृन्दावन,” और स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ा धन है।
डॉ. महतो ने कुष्ठ रोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नियमित रूप से एमडीटी (MDT) दवा लेने से कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। समय पर इलाज शुरू करने से दिव्यांगता से भी बचाव संभव है। उन्होंने कुष्ठ रोग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने, रोगियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण बदलने और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने पर विशेष बल दिया।
स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के दौरान टाटा स्टील फाउंडेशन से सौरभ गोस्वामी और टाटा ट्रस्ट से रीता सिंह ने मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कुष्ठ, यक्ष्मा, तंबाकू नियंत्रण, टीकाकरण, परिवार कल्याण, आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, प्रसव पूर्व जांच और संस्थागत प्रसव जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने रोगों के लक्षण, प्रकार, जांच, उपचार एवं डीपीएमआर के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों से कुष्ठ उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प लेने की अपील की गई। स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को सफल बनाने में जवाहर राम पासवान, शुरू भगत, गौरी बेहरा, श्यामा पदा मंडल, पीताम्बर मुर्मू, हरि पदा मुंडा, मनो बेहरा सहित आश्रम के सभी निवासियों का सराहनीय योगदान रहा।
यह शिविर न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि कुष्ठ रोग से जुड़े सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

