जमशेदपुर: पोखारी स्थित नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय (NSU) के भूगोल विभाग द्वारा ‘जलवायु परिवर्तन और सतत आजीविका पर इसके प्रभाव’ विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान (Guest Lecture) का सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में करीम सिटी कॉलेज के भूगोल विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. फरजाना अंजुम उपस्थित रहीं, जिन्होंने छात्रों को वर्तमान पर्यावरणीय संकटों से अवगत कराया।
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जलवायु परिवर्तन: भविष्य की आजीविका के लिए गंभीर संकट
कार्यक्रम की शुरुआत भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष (HOD) मौसमी मुर्मू के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने विषय की रूपरेखा रखते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन अब केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन और भविष्य की आजीविका से जुड़ा एक गंभीर संकट बन चुका है। भूगोल के विद्यार्थियों के लिए प्रकृति में हो रहे इन बदलावों को समझना और सतत विकास की दिशा में कार्य करना अनिवार्य है।
PPT के माध्यम से सूक्ष्म विश्लेषण
मुख्य वक्ता डॉ. फरजाना अंजुम ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से वैश्विक चुनौती और मानव जीवन पर इसके प्रभावों को विस्तार से समझाया। उन्होंने अपने व्याख्यान में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
कृषि पर प्रभाव: जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि पद्धतियों में आ रहे बदलाव और खाद्य सुरक्षा पर मंडराता खतरा।
संसाधनों पर दबाव: जल संसाधनों पर बढ़ता दबाव और घटते प्राकृतिक स्रोत।
कमजोर समुदाय: पर्यावरणीय बदलावों का सबसे अधिक और असमान असर गरीब व कमजोर समुदायों पर पड़ना।
समाधान: इस संकट से निपटने के लिए अनुकूलन रणनीतियों (Adaptation Strategies) और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को अपनाने की आवश्यकता।
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प्रश्नोत्तर सत्र और चर्चा
व्याख्यान के दौरान एक सक्रिय प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ छात्रों ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और डॉ. अंजुम ने उनका तार्किक समाधान दिया। कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष मौसमी मुर्मू ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज़, भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आले अली और सहायक प्राध्यापिका डॉ. इनायत बानो ने डॉ. फरजाना अंजुम को इस सफल और ज्ञानवर्धक व्याख्यान के लिए बधाई दी।




