जमशेदपुर । गालूडीह (Galudih) क्षेत्र में एक बार फिर से आस्था और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलने वाला है। राष्ट्रीय राजमार्ग 33 (NH-33) पर उल्दा, गालूडीह स्थित माता वैष्णोदेवी धाम के चौथे वार्षिक उत्सव के शुभ अवसर पर एक विशाल और भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। चार दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में 18 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 तक मूर्ति स्थापना और श्रीमद्भगवत गीता सार प्रवचन सहित कई महत्वपूर्ण अनुष्ठान पूरे विधि-विधान से संपन्न कराए जाएंगे। इस महाआयोजन को लेकर कोल्हान और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
कलश यात्रा के साथ होगा महोत्सव का भव्य शुभारंभ
आयोजन समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन सुबह से लेकर देर शाम तक विविध पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है, ताकि भक्तगण पूरी तरह से भक्ति रस में डूब सकें:
18 अप्रैल: कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ 18 अप्रैल की सुबह 8:00 बजे एक विशाल और भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। इस मंगल यात्रा में क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु शामिल होंगे।
नित्य पूजन: 18, 19 और 20 अप्रैल को लगातार तीन दिनों तक मंदिर प्रांगण में सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना और मूर्ति श्रृंगार का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
स्वामी हृदयानंद गिरी महाराज सुनाएंगे गीता का गूढ़ सार
इस चार दिवसीय महोत्सव का एक बहुत बड़ा आकर्षण श्रीमद्भगवत गीता सार प्रवचन है। 18 से 20 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 5:00 बजे से रात 8:00 बजे तक गीता के ज्ञान और उपदेशों की अमृत वर्षा होगी। ख्याति प्राप्त संत स्वामी हृदयानंद गिरी महाराज अपने मुखारविंद से उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म, ज्ञान और जीवन के गूढ़ मूल्यों की गहराई समझाएंगे। उनके ओजस्वी प्रवचन से लोगों को आत्मिक शांति और भागदौड़ भरी जिंदगी में सही दिशा प्राप्त होगी।
विशेष आकर्षण: 20 अप्रैल को सजेगी ‘माता की चौकी’
धार्मिक अनुष्ठानों और ज्ञान की इस अविरल गंगा के बीच 20 अप्रैल की रात को एक विशेष भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। रात 9:00 बजे से मंदिर परिसर में ‘माता की चौकी’ का भव्य दरबार सजेगा। इस रात्रिकालीन जागरण में सुमधुर भजनों और माता की भेंटों के माध्यम से पूरा माहौल पूरी तरह से ऊर्जावान हो जाएगा, जिसमें श्रद्धालु झूम उठेंगे।
21 अप्रैल को मूर्ति स्थापना और विशाल भंडारे का आयोजन
महोत्सव के अंतिम दिन यानी 21 अप्रैल को मुख्य धार्मिक अनुष्ठान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराए जाएंगे।
मूर्ति स्थापना: दोपहर ठीक 12:00 बजे पूरे विधि-विधान के साथ नवनिर्मित मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
महाप्रसाद (भंडारा): मूर्ति स्थापना के तुरंत बाद दोपहर 1:00 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन शुरू होगा, जहां दर्शन करने पहुंचे सभी श्रद्धालुओं के बीच माता का पवित्र प्रसाद वितरित किया जाएगा।
दिव्यलोक टीवी पर होगा कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण
आयोजकों ने इस बात का भी विशेष ध्यान रखा है कि जो श्रद्धालु किसी कारणवश आयोजन स्थल तक नहीं पहुंच सकते, वे भी घर बैठे धर्म लाभ ले सकें। इसलिए पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण (Live Telecast) दिव्यलोक टीवी चैनल पर किया जाएगा।
आयोजन स्थल: माता वैष्णोदेवी धाम, उल्दा, गालूडीह, NH-33, जमशेदपुर, झारखंड।
संपर्क सूत्र: विस्तृत जानकारी के लिए आयोजकों द्वारा 9981305014, 9431301975, 9430776434, 9431131924 और 8002969808 नंबर जारी किए गए हैं। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।





