
जमशेदपुर। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट पहचान बना चुके जमशेदपुर के डी.बी.एम.एस. कदमा हाई स्कूल में 14 मई 2026 को एक भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन होने जा रहा है। विद्यालय की सफल शैक्षणिक यात्रा के 20 वर्ष (दो दशक) पूरे होने के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर स्थित सभागार ‘कलाकृति’ में “द डिकेड्स – इटर एटर्नम” नामक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक और विद्यार्थियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
संस्कृति, संगीत और कला का होगा अद्भुत संगम यह समारोह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि विद्यालय की 20 वर्षों की उपलब्धियों, मूल्यों और परंपराओं का भव्य उत्सव है। इस खास कार्यक्रम में लगभग 270 विद्यार्थी अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करेंगे। विद्यार्थियों द्वारा संगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से भारतीय संस्कृति, वैश्विक सौहार्द और सामाजिक समरसता का कड़ा संदेश दिया जाएगा। इसमें भारतीय परंपरा और आधुनिकता का अनूठा समन्वय देखने को मिलेगा।
भव्य मंच सज्जा और लगातार मिल रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम को यादगार और ऐतिहासिक बनाने के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं। ‘कलाकृति’ सभागार और मंच को आधुनिक तकनीक तथा कलात्मक साज-सज्जा से आकर्षक रूप दिया जा रहा है। बच्चों को बेहतरीन मंच प्रदर्शन के लिए विद्यालय के शिक्षकों द्वारा लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे अपने आत्मविश्वास और भीतर छिपी कला को एक नई पहचान दे सकें।
शहर के कई गणमान्य अतिथि बढ़ाएंगे समारोह की शोभा इस अवसर पर पी एंड एम हाई टेक सिटी सेंटर मॉल, बिष्टुपुर के मैनेजिंग डायरेक्टर आर. के. अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही डी.बी.एम.एस. संस्था की संरक्षिका भागुमति नीलकंठन, प्रेसिडेंट ललिता चंद्रशेखर, फाइनेंस चेयरपर्सन डॉ. बी. चंद्रशेखर, सचिव अनीता रामकृष्णा, संयुक्त सचिव उषा मालिनी, कोषाध्यक्ष भुवना कृष्णन, संयुक्त कोषाध्यक्ष पी. एम. अरुणा, प्राचार्या गुरप्रीत भामरा, उप-प्राचार्या सुम्पर्णा राय और एस. शिरीन सहित कई गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहेंगे।
20 वर्षों की सफल यात्रा को मिलेगी नई ऊर्जा विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, यह ‘दो दशक’ समारोह विद्यालय की गौरवशाली परंपरा और शिक्षा के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण साबित होगा। इस कार्यक्रम से बच्चों में टीमवर्क, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास होगा। यह आयोजन जमशेदपुर के शैक्षणिक और सांस्कृतिक पटल पर एक अमिट छाप छोड़ेगा।


