
जमशेदपुर: शहर के नागरिकों के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए, भाजपा नेता एवं जुगसलाई नगर परिषद के पार्षद अनिल मोदी ने एक अहम मुद्दा उठाया है। उन्होंने टाटा कंपनी (Tata Company) द्वारा संचालित बिष्टुपुर स्थित ‘जी टाउन ओपन जिम एवं मैदान’ (G Town Open Gym and Ground) के बंद होने की समयावधि को एक घंटे बढ़ाकर रात 10 बजे तक करने की जोरदार मांग की है। वर्तमान में समय की पाबंदी के कारण शहर के कई व्यापारी और नौकरीपेशा लोग इस सुविधा का लाभ उठाने से वंचित रह जा रहे हैं।
व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को हो रही है परेशानी
पार्षद अनिल मोदी ने बताया कि बिष्टुपुर स्थित जी टाउन मैदान में भ्रमण करने और व्यायाम के लिए आने वाले अधिकतर लोग जुगसलाई (Jugsalai) क्षेत्र के होते हैं। जुगसलाई एक प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है और वहां के व्यापारियों को अपनी दुकानें और व्यवसाय बंद करने में ही रात के 9 बज जाते हैं। इस कारण वे चाहकर भी इस मैदान और ओपन जिम की सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय सीमा शहरवासियों, विशेषकर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों एवं विद्यार्थियों के लिए बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है। दिनभर की भागदौड़ और कार्यों के बाद अधिकांश लोग शाम या रात के समय ही स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए समय निकाल पाते हैं।
स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता का प्रमुख केंद्र है जी टाउन
अनिल मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि जी टाउन ओपन जिम और मैदान अब केवल एक व्यायाम स्थल नहीं रह गया है, बल्कि यह शहर के नागरिकों के स्वस्थ जीवन, मानसिक सुकून एवं सामाजिक समरसता का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं एवं वरिष्ठ नागरिक यहां पहुंचकर व्यायाम, योग (Yoga) और विभिन्न खेल गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। ऐसे में समय की कमी के कारण लोगों को निराश लौटना पड़ता है।
टाटा प्रबंधन से जनभावनाओं का सम्मान करने की अपील
अपनी मांग को प्रमुखता से रखते हुए श्री मोदी ने टाटा प्रबंधन (Tata Management) से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन को शहरवासियों की जनभावनाओं और उनकी दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए इस मैदान की समयावधि को कम से कम रात्रि 10 बजे तक अवश्य बढ़ाना चाहिए। इससे अधिक से अधिक नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि टाटा कंपनी द्वारा लिया गया यह निर्णय शहर में स्वास्थ्य जागरूकता (Health Awareness) को बढ़ावा देने के साथ-साथ एक बेहद सकारात्मक और जनहितकारी पहल साबित होगा।


