जमशेदपुर : पोटका प्रखंड के मुक्तेश्वर धाम हरिणा मंदिर परिसर में आगामी 14 जून से कोल्हान का सबसे बड़ा पांच दिवसीय हरिणा मेला शुरू होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर पोटका विधायक संजीव सरदार ने गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। विधायक ने श्रद्धालुओं की सुविधा और विधि-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। ज्ञात हो कि पोटका प्रखंड के हरिणा मुक्तेश्वर धाम परिसर में विगत कई दशकों से रोजो संक्रांति के उपलक्ष्य पर कोल्हान का सबसे बड़ा मेला का आयोजन होता है जो कि पांच दिनों तक चलता है इस मेले में प्रतिदिन लाखो की संख्या में श्रद्धालु कई राज्यो से पहुंचते है .
श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस न पहुंचे, हर व्यवस्था दुरुस्त रखे : विधायक संजीव सरदार
निरीक्षण के दौरान विधायक श्री सरदार ने मंदिर परिसर, मेला स्थल, मीना बाजार और पार्किंग एरिया का अवलोकन किया। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि “मेला में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएं। हरिणा धाम परिसर में झारखंड सरकार द्वारा बायो डायवर्सिटी पार्क का निर्माण कार्य चल रहा है, जो विधायक के प्रयासों से स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि “इस निर्माण कार्य के कारण इस बार मेले के आयोजन में थोड़ी अड़चनें आई हैं, इसलिए यह बैठक आयोजित की गई है ताकि समस्याओं को दूर कर मेला को सफल बनाया जाए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक बड़ी उपलब्धि है।
भीड़ नियंत्रण को मिले प्राथमिकता, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात हो” : विधायक का निर्देश
संजीव सरदार ने अधिकारियों से कहा कि “इस मेले में झारखंड, बंगाल और उड़िसा से लाखों की भीड़ आती है, इसलिए विधि व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं होगा।” उन्होंने अतिरिक्त पुलिस बल, मेडिकल टीम, जल व्यवस्था और नियंत्रण कक्ष की स्थापना के निर्देश दिए ताकि मेला शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।
विधायक ने मेला कमिटी के साथ लंबी बैठक में कहा कि वे स्थानीय युवाओं को पहचान पत्र के साथ वॉलंटियर के रूप में नियुक्त करें, ताकि आयोजन में सहयोग मिल सके। उन्होंने मेला कमिटी और प्रशाशन से कहा कि दोनों एक दूसरे से समन्वय बनाकर कार्य करे. विधायक ने कहा, “हरिणा मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान है। इसे व्यवस्थित और भव्य बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने की अपील की।
यह रहे उपस्थित
निरीक्षण व बैठक के दौरान पोटका अंचलाधिकारी निकिता बाला, कोवाली थाना प्रभारी धनंजय पासवान, मुखिया सरस्वती मुर्मू, ग्रामप्रधान बज्रांकन दंडपात, सीआई शांतिराम षाड़ंगी, वनपाल सौरभ बासुरी, वनरक्षी संजय दास, राजस्व कर्मचारी शम्भूनाथ देवरी समेत मेला कमिटी के पिंटू नायक, फूलचंद सरदार, निवारण पुराण, अनिरुद्ध नायक, कमलकांत नायक, दीपक सरदार, राजेश महाकुड़, कृपासिंधु बारीक एवं मानका माझी आदि उपस्थित थे।






