
जमशेदपुर । यूरोपीय विधिज्ञ प्रतिनिधियों का एक दल आज झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन एवं सुप्रसिद्ध अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ल से उनके निवास पर मिला। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच भारत और यूरोप की न्यायिक एवं कानूनी व्यवस्थाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
प्रतिनिधियों ने श्री शुक्ल को यूरोपीय देशों की कानूनी प्रणाली, न्यायिक ढांचे और कानून के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। वहीं, श्री शुक्ल ने भी उन्हें झारखंड की न्यायिक प्रणाली, अधिवक्ताओं की भूमिका, न्यायपालिका की संरचना और बार काउंसिल के कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मुलाकात के दौरान श्री शुक्ल ने यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल का पुष्पगुच्छ देकर गर्मजोशी से स्वागत किया और इस संवाद को आपसी सीख व सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विधिक संवाद बढ़ाने से वकालत के क्षेत्र में नई सोच और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
यूरोपीय प्रतिनिधियों ने श्री शुक्ल को इटली में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय विधिज्ञ सम्मेलन (International Legal Scholars Conference) में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री शुक्ल की उपस्थिति से भारत और झारखंड की कानूनी व्यवस्था की सशक्त छवि विश्व मंच पर उभरेगी।
प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से क्लारा रास्क (Klara Rask), अमेडुए मार्टोस (Amedue Martos) और ओचिंग गैंट (Oching Gant) शामिल थे। सभी ने भारत की न्यायिक प्रणाली और यहां के अधिवक्ताओं की सक्रियता की सराहना की।
श्री शुक्ल ने कहा कि झारखंड के अधिवक्ताओं के लिए यह एक गर्व का अवसर है कि वैश्विक स्तर पर हमारी कानूनी व्यवस्था में रुचि दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विधिक सहयोग बढ़ाने से न केवल कानून के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, बल्कि न्याय प्रणाली को भी नई दिशा प्राप्त होगी।
इस मुलाकात ने झारखंड की न्यायिक और अधिवक्ता बिरादरी के लिए एक सकारात्मक संदेश दिया है और भविष्य में भारत-यूरोप के बीच विधिक साझेदारी को सशक्त बनाने की संभावनाएं खोली हैं।


