
जमशेदपुर। बुधवार को आईसीएआई (द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया) की जमशेदपुर शाखा के अंतर्गत आनेवाली सीआईसीएएसए (सेंट्रल इंडिया चार्टर्ड अकाउंटेंट्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन) द्वारा रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस (आरएमसी) ऑडिटोरियम, जुबली पार्क में “बैंक ऑडिट 2025” पर सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंसी के छात्रों को बैंक ऑडिट की जटिलताओं और नियामक पहलुओं की महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी। इसका लाभ शहर के लगभग 100 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स स्टूडेंट्स ने उठाया। इसका नेतृत्व कोलकत्ता से आए प्रतिष्ठित सीए (डॉ.) तुलसी राम टिबरेवाला ने किया, जो लेखा परीक्षा और वित्त के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अनुपालन, जोखिम मूल्यांकन और बैंक ऑडिट में तकनीकी विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैंक ऑडिट केवल अनुपालन के बारे में नहीं है; यह वित्तीय प्रणाली की स्थिरता सुनिश्चित करने के बारे में है। तकनीक लेखा परीक्षा को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विश्वसनीय बना रही है। सीए चेतन अग्रवाल, सिकासा अध्यक्ष जमशेदपुर ब्रांच ऑफ़ आईसीएआई ने वक्ता और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए लेखा परीक्षा क्षेत्र में सतत शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। सीए कौशलेंद्र दास (शाखा अध्यक्ष) ने कहा कि आज प्राप्त किया गया ज्ञान कल के ऑडिटर्स को आकार देगा, जिससे एक मजबूत और अधिक जवाबदेह वित्तीय क्षेत्र सुनिश्चित होगा। इसे सफल बनाने में सीए कौशलेंद्र दास, सीए चेतन अग्रवाल, सीए ऋषि अरोड़ा, सीए आनंद अग्रवाल का योगदान रहा।




