
जमशेदपुर। रंगों और कैनवास के जरिए जब मन की भावनाएं अभिव्यक्त होती हैं, तो कला केवल चित्रकारी नहीं रह जाती, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति और भावनात्मक सुकून का माध्यम बन जाती है। इसी संदेश के साथ रविवार को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित अल्कोर होटल में इवाना आर्ट की दसवीं वर्षगांठ पर ‘कलर्स ऑफ क्रिएटिविटी’ कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में 80 से अधिक कलाकारों की कलाकृतियों ने कला प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में लाइव पेंटिंग, ‘आर्ट ऐज थेरेपी’ विषय पर संवाद और वरिष्ठ कलाकार माधुरी भादुड़ी की विशेष चर्चा आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर इवाना आर्ट के दस वर्षों के रचनात्मक सफर को भी प्रस्तुत किया गया।
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आर्ट ऐज थेरेपी: जब रंग बने भावनाओं की भाषा
कार्यक्रम में ‘आर्ट ऐज थेरेपी’ यानी कला के माध्यम से भावनात्मक अभिव्यक्ति पर विशेष चर्चा हुई। जेमिका और तन्वी ने बताया कि कला व्यक्ति को अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि चित्रकारी और अन्य रचनात्मक गतिविधियां आत्म-अभिव्यक्ति के साथ भावनात्मक सुकून का माध्यम भी बन सकती हैं। कई बार जिन भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करना कठिन होता है, उन्हें रंगों और चित्रों के जरिए सामने लाया जा सकता है।
इस संवाद के माध्यम से कला के रचनात्मक पहलुओं के साथ भावनात्मक स्वास्थ्य में उसकी संभावित भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
माधुरी भादुड़ी ने साझा किए कला से जुड़े अनुभव
प्रदर्शनी में वरिष्ठ कलाकार माधुरी भादुड़ी की विशेष चर्चा आयोजित की गई। उन्होंने कला के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।वहीं, लाइव पेंटिंग के दौरान कलाकारों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अलग-अलग शैलियों और विषयों पर आधारित कलाकृतियों ने प्रदर्शनी को विविधता प्रदान की।
40 कलाकारों से शुरुआत, अब लगभग 100 कलाकारों का मंच
इवाना आर्ट की संस्थापक जेनी शाह ने वर्ष 2016 में जमशेदपुर में 40 कलाकारों के साथ इस मंच की शुरुआत की थी। बीते दस वर्षों में संस्था ने अपनी गतिविधियों का विस्तार किया और आज इससे लगभग 100 कलाकार जुड़े हुए हैं।
इवाना आर्ट का उद्देश्य स्थापित कलाकारों के साथ उभरती प्रतिभाओं को भी अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देना है। इसके माध्यम से कलाकारों को कला प्रेमियों से संवाद करने और नए दर्शकों तक पहुंचने का मंच मिलता है।
दसवीं वर्षगांठ के अवसर पर संस्था की यात्रा पर आधारित विशेष फिल्म ‘बियॉन्ड पैशन’ भी दिखाई गई। इसमें इवाना आर्ट की शुरुआत से लेकर उसके विस्तार तक के सफर को प्रस्तुत किया गया।
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जमशेदपुर से लंदन, सिंगापुर और फ्लोरेंस तक पहुंची कला
इवाना आर्ट ने पिछले एक दशक में जमशेदपुर से निकलकर देश और विदेश में अपनी पहचान बनाने की दिशा में प्रयास किए हैं।संस्था ने कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों में कला प्रदर्शनियों के माध्यम से कलाकारों को मंच उपलब्ध कराया है।इसके अलावा सिंगापुर, लंदन, इटली के फ्लोरेंस और स्विट्जरलैंड में भी भारतीय कला को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने की पहल की गई है।
दस वर्षों की रचनात्मक यात्रा का उत्सव
‘कलर्स ऑफ क्रिएटिविटी’ प्रदर्शनी इवाना आर्ट के दस वर्षों की उपलब्धियों और कलाकारों की रचनात्मक विविधता को सामने लाने का अवसर बनी।कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि कला केवल सौंदर्य और कल्पना की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने, भावनाओं को समझने और रचनात्मक सोच विकसित करने का माध्यम भी है।
जमशेदपुर से शुरू हुई इवाना आर्ट की यह यात्रा अब देश-विदेश में भारतीय कलाकारों को पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

