
जमशेदपुर।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मंगलवार को कीताडीह स्थित ईवीएम वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) के सुरक्षित रखरखाव, वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी तंत्र की विस्तार से समीक्षा की।

READ MORE : JAMSHEDPUR NEWS : उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक, ग्राम संपत्ति- डिजिटल एसेट रजिस्टर के उपयोग पर जोर
निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सभी मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOPs) का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता अस्वीकार्य होगी।
उपायुक्त ने विशेष रूप से सीसीटीवी कैमरों की 24×7 कार्यशीलता पर जोर दिया और निर्देश दिया कि रिकॉर्डिंग का बैकअप समयबद्ध तरीके से संधारित किया जाए। साथ ही, उसकी नियमित जांच अनिवार्य होगी। उन्होंने कहा कि वेयरहाउस में दैनिक निरीक्षण रजिस्टर और लॉगबुक को पारदर्शी एवं अद्यतन रूप में रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परिस्थिति में अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। इसके लिए सुरक्षा गार्डों की जिम्मेदारी तय की गई और प्रवेश-निकास रजिस्टर का सही ढंग से पालन करने पर बल दिया गया।
उपायुक्त ने वेयरहाउस सुरक्षा के लिए नियमित ऑडिट और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि निर्वाचन से जुड़ी सामग्रियों के रखरखाव और निगरानी में पारदर्शिता और उच्चस्तरीय सतर्कता आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी मशीनों के फंक्शनल टेस्ट और फिजिकल वेरिफिकेशन समय-समय पर किए जाएं, ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान समय रहते हो सके।
इस निरीक्षण में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि राजनीतिक दलों की उपस्थिति से प्रक्रिया की पारदर्शिता और जनता का विश्वास दोनों मजबूत होंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे निर्वाचन कार्य में सहयोगी की भूमिका निभाएं और व्यवस्था की निगरानी में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने अंत में दोहराया कि ईवीएम और वीवीपैट मशीनें लोकतंत्र की रीढ़ हैं। इनके रखरखाव और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की त्रुटि स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए।


