
जमशेदपुर समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आम जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।


READ MORE..JAMSHEDPUR NEWS: विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत उपायुक्त और अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने किया मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण
अगस्त में शुरू होगी बागबेड़ा जलापूर्ति योजना, गोविंदपुर में भी दिखेगा असर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले की दो सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि बागबेड़ा जलापूर्ति योजना को आगामी अगस्त माह में हर हाल में चालू कर दिया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को पेयजल की समस्या से निजात मिल सके। इसके साथ ही, छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के विस्तारित क्षेत्र में भी पाइपलाइन और बुनियादी ढांचे की जांच कर जल्द से जल्द जलापूर्ति शुरू करने का आदेश दिया गया।
ग्राम समितियों को सौंपे जाएंगे सिंगल विलेज प्रोजेक्ट्स, जन शिकायतों पर 7 दिन में एक्शन
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उपायुक्त ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने जिले की सभी सिंगल विलेज जलापूर्ति योजनाओं का एक माह के भीतर शत-प्रतिशत हस्तांतरण ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे स्थानीय स्तर पर इनका बेहतर संचालन और रखरखाव हो सके। इसके अतिरिक्त, जनता के प्रति जवाबदेही तय करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि झारजल, सीपीग्राम्स (CPGRAMS) और उपायुक्त कार्यालय में प्राप्त पेयजल से संबंधित सभी जन शिकायतों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
READ MORE..Jamshedpur News :NIT Jamshedpur और Sona Devi University के बीच ऐतिहासिक MoU, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा
स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा प्रबंधन और शौचालयों के निर्माण में आएगी तेजी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बहरागोड़ा, चाकुलिया एवं पोटका प्रखंड में 100-100 तथा अन्य सभी प्रखंडों में 50-50 नाडेप (NADEP) इकाइयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया। साथ ही, हर प्रखंड में व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण की गति बढ़ाने पर जोर दिया गया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए कचरा उठाव हेतु ई-रिक्शा की खरीद प्रक्रिया को एक सप्ताह के भीतर जेम (GeM) पोर्टल पर प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने जिले में फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) की प्रगति को राज्य के औसत से आगे बढ़ाते हुए लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने को कहा है।


