जमशेदपुर।
जिले में वज्रपात से होने वाली जनहानि को रोकने और लोगों को जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने सोमवार को समाहरणालय परिसर से “वज्रपात सुरक्षा रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ आने वाले दिनों में जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों का भ्रमण कर आमजन को वज्रपात से बचाव के उपायों से अवगत कराएगा।
उपायुक्त ने मौके पर कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने कहा कि हर साल मानसून के दौरान वज्रपात से कई लोग अपनी जान गंवाते हैं, लेकिन यदि लोग सावधानियां बरतें तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। यही कारण है कि जिला प्रशासन ने वज्रपात सुरक्षा रथ जैसी पहल की है, जिससे अधिक से अधिक लोग सुरक्षित रह सकें।
वज्रपात से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा सुझाए गए सावधानियां:
बारिश, आंधी या तूफान के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़ा होने से बचें।
वज्रपात के दौरान मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग न करें।
खेतों में काम कर रहे किसानों को तत्काल किसी सुरक्षित स्थान पर शरण लेनी चाहिए।
घर में रहकर टीवी, फ्रिज और बिजली से चलने वाले उपकरणों को बंद कर दें।
यदि कोई व्यक्ति खुले में फंस जाए तो दोनों कान बंद कर झुककर बैठें, लेकिन जमीन पर न लेटें।
सड़क पर यात्रा कर रहे लोग तुरंत पास के भवन में जाकर शरण लें और बिजली की गर्जना सुनाई देने के बाद कम से कम 30 मिनट तक सुरक्षित स्थान पर बने रहें।
उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी नागरिक इन निर्देशों का पालन करें और अपने परिवार को भी सतर्क रखें। उन्होंने अपील की कि सुरक्षा रथ से दी जा रही जानकारियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए।
इस अभियान में आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर नागरिक को यह संदेश पहुंचे कि थोड़ी सी सतर्कता से वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदा से जान बचाई जा सकती है।
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