
जमशेदपुर: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 कार्यक्रम को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए जमशेदपुर के सिदगोड़ा टाउन हॉल में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महाप्रशिक्षण में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और बीएलओ पर्यवेक्षकों (Supervisors) को चुनाव आयोग के नए नियमों और गाइडलाइंस से अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त राजीव रंजन ने निर्वाचन कार्यों के सफल, पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन को लेकर अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
चार विधानसभा क्षेत्रों के BLO ने लिया हिस्सा
इस वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम जिले के चार प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ और पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया। इसमें शामिल विधानसभा क्षेत्र हैं:
पोटका
जुगसलाई
जमशेदपुर पूर्वी
जमशेदपुर पश्चिमी
इन सभी क्षेत्रों के मतदान केंद्रों को सुदृढ़ करने और मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने की रणनीति बनाई गई।
घर-घर जाकर होगा सत्यापन, नहीं छूटेगा एक भी योग्य वोटर
जिला निर्वाचन पदाधिकारी राजीव रंजन ने प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाता सूची ही हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मुख्य आधारशिला है। उन्होंने पुनरीक्षण कार्य में लगे सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आदेश दिया।
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“सभी बीएलओ अनिवार्य रूप से अपने आवंटित क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि क्षेत्र के किसी भी पात्र और योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची से छूटने न पाए।” – राजीव रंजन, उपायुक्त
मास्टर ट्रेनर्स ने सिखाए डेटा संधारण और क्षेत्रीय सत्यापन के गुर
सिदगोड़ा टाउन हॉल में आयोजित इस सत्र के दौरान मास्टर प्रशिक्षकों (Master Trainers) द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 की पूरी कार्यप्रणाली को बारीकी से समझाया गया। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई:
गणना प्रपत्रों का सही संकलन और उपयोग।
नए और योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने की ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रक्रिया।
मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों और स्पेलिंग मिस्टेक्स का संशोधन।
क्षेत्रीय सत्यापन (Field Verification) और डिजिटल डेटा संधारण।
प्रशिक्षण के अंत में एक सवाल-जवाब सत्र भी रखा गया, जिसमें बीएलओ और पर्यवेक्षकों की कार्य से जुड़ी सभी जिज्ञासाओं और शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
नजरी नक्शा संशोधन और अनमैप्ड वोटर लिस्ट पर विशेष निर्देश
प्रशिक्षणार्थियों को फील्ड में उतरने से पहले बेहद स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए हैं:
भ्रमण और नजरी नक्शा: सभी बीएलओ अपने मतदान केंद्र के क्षेत्रों और अनुभागों का सघन भ्रमण करेंगे। यदि नजरी नक्शा (Boundary Map) को संशोधित करने की आवश्यकता है, तो बीएलओ और सुपरवाइजर इसे जल्द से जल्द पूरा करेंगे।
अनमैप्ड वोटर लिस्ट: सभी बीएलओ को अनमैप्ड वोटर लिस्ट की दो प्रतियां (Copies) उपलब्ध कराई गई हैं। निर्देशानुसार, इसकी एक कॉपी को संबंधित मतदान केंद्र (Polling Station) पर अनिवार्य रूप से चिपकाना होगा ताकि आम जनता इसे देख सके।
बेहतर समन्वय से कार्य करने की अपील
विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करने को कहा है। इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO), उप निर्वाचन पदाधिकारी (Dy EO), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) समेत निर्वाचन कार्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित थे।


