
जमशेदपुर।
पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिला प्रशासन ने जिले में चल रहे कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 29 जून 2026 को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में सीएसआर गतिविधियों की समीक्षा के लिए एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) सहित जिले के कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीएसआर फंड का जनहित में समन्वित और पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित करना था।

कंपनियों की मनमानी पर रोक, जिला समिति से लेना होगा अप्रूवल
बैठक की शुरुआत करते हुए उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि कई कंपनियां अपने स्तर पर सीएसआर गतिविधियां तो चला रही हैं, लेकिन इसकी जानकारी जिला स्तरीय समिति को नहीं दी जाती है। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी सीएसआर योजना का क्रियान्वयन जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के बाद ही किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अब तक केवल यूसीआईएल (UCIL), एचसीएल (HCL) और बैंक ऑफ इंडिया ने ही सीएसआर मद में राशि उपलब्ध कराई है या अपनी परियोजनाओं के लिए जिला समिति से विधिवत अप्रूवल लिया है।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम: पिछली रिपोर्ट और नई कार्ययोजना करें जमा
उपायुक्त राजीव रंजन ने बैठक में साफ तौर पर कहा कि कंपनियों के सीएसआर कार्यों में बेहतर तालमेल होना बहुत जरूरी है, ताकि एक ही तरह के काम का दोहराव न हो। उन्होंने सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश दिया कि वे पिछले वित्तीय वर्ष में किए गए सभी सीएसआर कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को सौंपें। इसके साथ ही, चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए प्रस्तावित गतिविधियों की कार्ययोजना भी अनुमोदन के लिए जिला स्तरीय समिति के सामने पेश करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य उपलब्ध संसाधनों का व्यवस्थित उपयोग कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाना है।
जनहित के इन महत्वपूर्ण कार्यों पर है जिला प्रशासन का फोकस
बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने जिले की प्राथमिक आवश्यकताओं और क्रिटिकल गैप (Critical Gap) को भरने के लिए कंपनियों से सहयोग की अपील की। प्रशासन ने निम्नलिखित अहम प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव कंपनियों के सामने रखा है:
- बालिका आवासीय विद्यालयों में सैनिटरी नैपकिन डिस्पेंसर मशीन लगाना।
- स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के लिए वाटर एटीएम (Water ATM) की व्यवस्था।
- बीमारियों से बचाव के लिए मेडिकेटेड मच्छरदानियों का वितरण।
- सबर टोला क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास।
- अस्पतालों में मुक्ति वाहन (शव वाहन) की उपलब्धता।
- सरकारी विद्यालयों के लिए बेंच-डेस्क और आवासीय विद्यालयों में खेल सुविधाओं का विकास।
- दिव्यांगजनों के लिए इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल का वितरण।
- समाहरणालय परिसर में महिलाओं के रोजगार के लिए ‘दीदी कैफे’ का निर्माण।
बैठक के अंत में सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का आश्वासन दिया। इस पहल से जमशेदपुर में बुनियादी सुविधाओं के तेजी से विकसित होने की उम्मीद है।


