जमशेदपुर: सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML), जमशेदपुर में जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, टाटानगर के आठवीं कक्षा के 74 विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें अनुसंधान, तकनीक तथा नवाचार की दुनिया से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में 44 छात्राओं और 30 छात्रों ने हिस्सा लिया। उनके साथ चार शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहीं, जिनमें पिंकी सिंह और अभय कुमार शामिल थे।
फिट इंडिया फ्रीडम रन 2026 से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत फिट इंडिया फ्रीडम रन 2026 से हुई। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर शारीरिक फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को नियमित व्यायाम, अनुशासन, टीमवर्क और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।
CSIR-NML के निदेशक ने बताया दैनिक जीवन में धातुओं का महत्व
कार्यक्रम का उद्घाटन सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने किया।उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि दैनिक जीवन में खनिजों, धातुओं और विभिन्न पदार्थों का कितना महत्वपूर्ण स्थान है। साथ ही धातुओं के निष्कर्षण, प्रसंस्करण और उपयोग में धातुकर्म विज्ञान की भूमिका को सरल तरीके से समझाया।इसके बाद वैज्ञानिक-जी एवं आईएमडीसी प्रमुख डॉ. के. गोपाला कृष्णा ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
जिज्ञासा कार्यक्रम से बच्चों में विकसित हो रही वैज्ञानिक सोच
वैज्ञानिक-ई डॉ. अनिमेष जाना ने विद्यार्थियों को सीएसआईआर के जिज्ञासा कार्यक्रम की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को वैज्ञानिक संस्थानों से जोड़ना, उनकी जिज्ञासा बढ़ाना और विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना है।उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों और अनुसंधान से जुड़े अवसरों के बारे में भी बताया।
वाटर स्प्लिटिंग प्रयोग और वैज्ञानिकों से संवाद रहा आकर्षण
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को सीएसआईआर-एनएमएल की विभिन्न अनुसंधान प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक सुविधाओं को देखने का अवसर मिला।इस दौरान बच्चों ने वैज्ञानिकों से सीधे बातचीत की और प्रयोगशालाओं में होने वाले शोध कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की।डॉ. अनिमेष जाना और डॉ. विनोद बेलवंशी ने विद्यार्थियों के लिए डू-इट-योरसेल्फ (DIY) गतिविधियां, वाटर स्प्लिटिंग सहित कई वैज्ञानिक प्रदर्शन आयोजित किए।इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को विज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया।
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विज्ञान प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान डॉ. के. गोपाला कृष्णा ने विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विज्ञान से जुड़े सवालों के जवाब दिए।शिक्षकों और विद्यार्थियों ने वैज्ञानिकों से संवाद करने तथा कक्षा से बाहर वास्तविक अनुसंधान कार्यों को समझने के अवसर की सराहना की।कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा भविष्य में वैज्ञानिक अनुसंधान को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सीएसआईआर-एनएमएल का यह जिज्ञासा कार्यक्रम स्कूली शिक्षा को व्यावहारिक विज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।


