
जमशेदपुर: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज भाजपा नेता चंपई सोरेन ने देश के हालिया चुनाव परिणामों और विशेषकर पश्चिम बंगाल के नतीजों पर अपनी तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे एक ‘ऐतिहासिक जनादेश’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन की जीत करार दिया है।
बंगाल में 50 साल की तानाशाही का अंत
मीडिया से मुखातिब होते हुए चंपई सोरेन ने पश्चिम बंगाल की जनता, खासकर जंगलमहल इलाके के लोगों को भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए बधाई दी। उन्होंने पिछली राज्य सरकारों पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल में 35 साल तक लाल झंडे (वामपंथ) ने तानाशाही चलाई और उसके बाद 15 साल तक टीएमसी ने। वहां विकास की कोई चर्चा नहीं होती थी, सिर्फ गुंडागर्दी का राज था।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आज वहां के आदिवासी, मूलवासी, दलित और हिंदू समाज को इस तानाशाही से मुक्ति मिल गई है।
घुसपैठियों को नागरिकता किसी कीमत पर मंजूर नहीं
चंपई सोरेन ने सबसे बड़ा हमला बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की नागरिकता सिर्फ भारतवासियों के लिए है। सोरेन ने कहा, “बाहर के लोग हमारे देश में मेहमान की तरह आएं और जाएं, लेकिन उन्हें यहां की नागरिकता प्राप्त न हो। हमारी सामाजिक व्यवस्था न बिगड़े और हमारी जमीनों पर जबरन कब्जा न हो, इसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है।”
पीएम मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन पर जताया भरोसा
भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और जनता ने विकास के नाम पर अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता और पांच राज्यों के मतदाताओं ने यह साबित कर दिया है कि वे विकास और राष्ट्रवाद के साथ हैं।
झारखंड में भी ‘खेला’ होने के संकेत?
जब चंपई सोरेन से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बंगाल और असम में प्रचार करने और उसका असर न होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई सीधी राजनीतिक टिप्पणी करने से बचते हुए बस इतना कहा कि जो भी पार्टी जिस तरह की राजनीति करेगी, उसे वैसा ही जवाब मिलेगा। हालांकि, उन्होंने यह दावा जरूर किया कि बंगाल की तर्ज पर झारखंड में भी जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।


