
जमशेदपुर: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए नया रिकॉर्ड कायम किया है। कंपनी की 119वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) को संबोधित करते हुए चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा स्टील का समेकित शुद्ध मुनाफा (PAT) 243% की भारी उछाल के साथ ₹10,886 करोड़ तक पहुंच गया है। इसके साथ ही, कंपनी का समेकित राजस्व 6% बढ़कर ₹2,32,140 करोड़ हो गया है, जो भारत में ~23.4 मिलियन टन के रिकॉर्ड वार्षिक कच्चे इस्पात उत्पादन और ~22.5 मिलियन टन की डिलीवरी के बल पर संभव हुआ है।

भारतीय ऑपरेशंस का मजबूत प्रदर्शन और कर्ज में भारी कमी
चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन के अनुसार, भारतीय इस्पात उद्योग ने वैश्विक दबावों के बीच 10.7% उत्पादन वृद्धि (168.4 मिलियन टन) और 7.6% मांग वृद्धि (163.7 मिलियन टन) के साथ शानदार लचीलापन दिखाया है।
टाटा स्टील के भारतीय ऑपरेशंस का राजस्व ₹1,40,302 करोड़ और एबिटा (EBITDA) 17% बढ़कर ₹34,272 करोड़ रहा, जिसमें एबिटा मार्जिन सुधरकर 24% हो गया है।
कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रबंधन के कारण समेकित शुद्ध कर्ज घटकर ₹80,144 करोड़ रह गया है, जिससे बैलेंस शीट को नई मजबूती मिली है।
इसके आधार पर निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹4 प्रति इक्विटी शेयर के लाभांश (Dividend) की सिफारिश की है।
कलिंगानगर में विस्तार और 40 MTPA क्षमता का दीर्घकालिक लक्ष्य
भारत में क्षमता विस्तार के मोर्चे पर टाटा स्टील ने कलिंगानगर में फेज-II के विस्तार को चालू कर एक बड़ा मुकाम हासिल किया है।
इस विस्तार से साइट की उत्पादन क्षमता 3 से बढ़कर 8 MTPA हो गई है और कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 26.1 MTPA तक पहुंच गई है।
भारत के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस और अत्याधुनिक कोल्ड रोलिंग मिल के साथ, कंपनी ने ऑटोमोटिव और रक्षा (Defence) जैसे उच्च-तकनीकी और मूल्यवर्धित क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत की है। यह पहल 40 MTPA क्षमता प्राप्त करने के दीर्घकालिक दृष्टिकोण की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
इसके अलावा, निदेशक मंडल ने एनआईएनएल (NINL) के टाटा स्टील में विलय को मंजूरी दे दी है और लुधियाना में 0.75 MTPA इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) का भी उद्घाटन किया गया है।
यूरोप में ग्रीन स्टील मिशन और नीदरलैंड में सुधार
यूरोपीय ऑपरेशंस में कंपनी का रणनीतिक हस्तक्षेप सार्थक परिणाम दे रहा है। नीदरलैंड में एबिटा तीन गुना बढ़कर 267 मिलियन यूरो हो गया है, जबकि यूके (UK) में एबिटा घाटा आधा रह गया है।
ब्रिटेन सरकार की साझेदारी से पोर्ट टैलबोट में 1.25 बिलियन पाउंड के ईएएफ (EAF) प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है, जो ब्रिटेन का सबसे बड़ा लो-कार्बन स्टील ट्रांजिशन प्रोजेक्ट है।
नीदरलैंड में सख्त पर्यावरण नियमों के बीच कंपनी ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वट्टनफॉल (Vattenfall) के को-जेनरेशन पावर प्लांट्स का अधिग्रहण किया है।
एआई तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सामाजिक जिम्मेदारी
तकनीकी और डिजिटल परिवर्तन को प्राथमिकता देते हुए टाटा स्टील ने मूल्य श्रृंखला में 860 से अधिक एआई (AI) मॉडल तैनात किए हैं, जिससे सुरक्षा, उत्पादन और ऊर्जा दक्षता में वास्तविक समय (Real-time) में सुधार हुआ है।
कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म- आशियाना (Aashiyana) और डिजिईसीए (DigECA) ने 161% की भारी वृद्धि के साथ ₹9,360 करोड़ का सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) हासिल किया है।
समावेशी विकास और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में सीएसआर (CSR) पहल पर ₹473 करोड़ खर्च किए, जिससे भारत भर में 69 लाख से अधिक लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है।




