जमशेदपुर.
जमशेदपुर स्थित संस्था पीपल फॉर चेंज की ओर से संस्थापक सौविक साहा की ओर से बिष्टुपुर स्थित होटल नटराज में ‘आदिर फेलोशिप 2025–26’ के समापन अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सुबह 11:30 बजे से शाम तक चले इस आयोजन में फेलोज, चेंज मेकर्स, मेंटर्स और समुदाय के कई सदस्य शामिल हुए. यह कार्यक्रम एक वर्ष के दौरान हुए सामाजिक बदलाव और युवा नेतृत्व की यात्रा का उत्सव था.
क्या है आदिर फेलोशिप?
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आदिर फेलोशिप, पीपल फॉर चेंज की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य 18 से 25 वर्ष के युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करना है. यह कार्यक्रम खासतौर पर झारखंड के वंचित, आदिवासी और दलित समुदायों के युवाओं पर केंद्रित है.
हर साल 20 युवाओं को फेलो के रूप में चुना जाता है, जिन्हें प्रशिक्षित कर सामुदायिक नेता बनाया जाता है. ये फेलोज आगे 400 चेंज मेकर्स को मार्गदर्शन देते हैं, जो शिक्षा, लैंगिक हिंसा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और नशा मुक्ति जैसे मुद्दों पर काम करते हैं.
प्रशिक्षण से नेतृत्व तक का सफर
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2025–26 बैच के फेलोज ने वर्षभर बूट कैंप और नियमित सत्रों के माध्यम से आत्म-जागरूकता, संवाद कौशल, नेतृत्व, संघर्ष समाधान और संवैधानिक मूल्यों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया. इसके साथ ही उन्होंने सोशल एक्शन प्रोजेक्ट्स के जरिए अपने समुदाय में बदलाव लाने की दिशा में काम किया.
समारोह में दिखा बदलाव का असर
कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के संस्थापक सौविक साहा के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने फेलोशिप की यात्रा और उसके प्रभाव पर प्रकाश डाला. इसके बाद फेलोज और चेंज मेकर्स ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे उन्होंने चुनौतियों के बीच काम करते हुए बदलाव लाने की कोशिश की.
समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं. स्वागत गीत, नृत्य प्रस्तुति और मासिक धर्म जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों को जागरूक करने के साथ-साथ भावुक भी किया.
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संवाद और संकल्प का मंच
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कार्यक्रम के दौरान एक सामुदायिक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें जमीनी स्तर पर काम करने के अनुभवों और चुनौतियों पर चर्चा हुई. साथ ही ‘कमिटमेंट सर्कल’ के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को लिखकर साझा किया.
युवा उद्यमिता को भी मिला मंच
इस अवसर पर फेलोज और समुदाय के सदस्यों द्वारा शुरू किए गए छोटे व्यवसायों का प्रदर्शन भी किया गया, जो आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का उदाहरण बना.
आगे की राह
फेलोशिप के तहत अब मौजूदा फेलोज अगले बैच के मेंटर बनेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे. साथ ही नए युवाओं का चयन कर इस पहल को आगे बढ़ाया जाएगा.
संस्था का लक्ष्य है कि इस मॉडल के जरिए झारखंड में युवा नेतृत्व का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाए, जो लगातार सामाजिक बदलाव की दिशा में काम करता रहे.
संस्था के बारे में
पीपल फॉर चेंज एक गैर-सरकारी संगठन है, जो जमशेदपुर में कार्यरत है. यह संस्था युवाओं के नेतृत्व विकास और समाज में समानता, न्याय और गरिमा को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है. सौविक साहा इसके संस्थापक हैं, जिनके नेतृत्व में संस्था यूथ लीडरशिप पर लगातार कार्यक्रम करके युवाओं को अपनी सहभागिता के लिए प्रेरित कर रही है.
आज के कार्यक्रम में बतौर अतिथि मशहूर समाजसेवी अंजलि बोस, प्रभा जायसवाल, अर्पिता श्रीवास्तव, वर्नाली चक्रवर्ती, अरविंद तिवारी और अन्नी अमृता शामिल हुईं और उनलोगों ने युवाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया.




