
जमशेदपुर।


बोड़ाम प्रखंड के पहाड़पुर, कुइयानी और बोटा पंचायतों का उप विकास आयुक्त (डीडीसी) नागेन्द्र पासवान ने मंगलवार को दौरा कर विभिन्न विकास योजनाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बोटा पंचायत स्थित वन धन विकास केंद्र का निरीक्षण किया, जहां जेएसएलपीएस से जुड़ी सखी मंडल की महिलाएं मधुमक्खी पालन का कार्य कर रही हैं। उन्होंने केंद्र की गतिविधियों को और विस्तृत करने पर बल देते हुए कहा कि शहद उत्पादन, ब्रांडिंग, शुद्धिकरण, बॉटलिंग और बिक्री की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि यह केंद्र ग्रामीण महिलाओं की आय का बड़ा जरिया बने। डीडीसी ने सालाना एक करोड़ रुपये के टर्नओवर का लक्ष्य तय करने की बात कही।
READ MORE :Jamshedpur News :नो हेलमेट-नो फ्यूल, CCTV से होगी सख्त निगरानी
इसके बाद बोटा पंचायत में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बन रहे पहाड़िया जनजाति के आवासों का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि आवास निर्माण के लिए स्वीकृति फॉरेस्ट भूमि पर दी गई है और लाभुकों को वन विभाग से नोटिस प्राप्त हुआ है। इस पर डीडीसी ने बोड़ाम बीडीओ को निर्देश दिया कि सभी नोटिस की प्रतियां संलग्न कर जिला कार्यालय को भेजी जाएं, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
डीडीसी ने पहाड़पुर पंचायत के सबर और पहाड़िया टोला में भी प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत आवास निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता जांची और लाभुकों से बातचीत कर निर्धारित समय में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके बाद कुइयानी पंचायत के बागड़ा गांव पहुंचे, जहां अबुआ आवास योजना के तहत घर बन रहे हैं। उन्होंने संबंधित पंचायत सचिव को चेतावनी दी कि लंबित आवास कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं।
निरीक्षण के क्रम में ग्राम कोइरा का आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र बंद पाया गया, जिस पर नाराजगी जताई गई। वहीं, मनरेगा योजना के तहत आम बागवानी, बिरसा सिंचाई कूप और पोटो हो खेल मैदान का निरीक्षण भी किया गया। खेल मैदान में स्कोर बोर्ड, चेंजिंग रूम और शौचालय निर्माण का निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी किकू महतो, पंचायत सचिव, जिला आवास समन्वयक, जिला प्रशिक्षण समन्वयक, प्रखंड समन्वयक, ग्राम रोजगार सेवक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।


