
जमशेदपुर : कोल्हान प्रमंडल के जमशेदपुर में पूर्वी सिंहभूम जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नलिनी सिन्हा की अध्यक्षता में कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दयामनी बारला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों और महिलाओं के प्रति उनके रवैये पर तीखा प्रहार किया। कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम के जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, सरायकेला से संगीता प्रधान और पश्चिम सिंहभूम से राखी सुलेजा ने भी अपने विचारों को प्रमुखता से रखा।
परिसीमन और जनगणना के बहाने आरक्षण में देरी का आरोप
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि दयामनी बारला ने महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा का रवैया पूरी तरह से विरोधाभासी है और उनका दोहरा चरित्र उजागर करता है। बारला ने आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा महिलाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस कानून को जनगणना और परिसीमन की जटिल प्रक्रिया से जोड़कर इसे लागू करने में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह विलंब न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि देश की महिलाओं के साथ घोर अन्याय है, जिससे जमीनी स्तर पर वास्तविक सशक्तिकरण रुक गया है और इस अधिनियम की प्रभावशीलता पर ही बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।
घोषणाओं तक सीमित है भाजपा, कांग्रेस ने किया वास्तविक काम
दयामनी बारला ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठोस एवं ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। स्थानीय निकायों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक महिलाओं की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने में कांग्रेस की भूमिका हमेशा से अग्रणी रही है। इसके विपरीत, भाजपा का महिला सशक्तिकरण केवल कागजी घोषणाओं और चुनावी प्रचार तक ही सीमित नजर आता है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व से सीधा सवाल करते हुए कहा कि यदि वे महिलाओं के हितों के प्रति सच में प्रतिबद्ध हैं, तो 2023 के महिला आरक्षण कानून को तत्काल प्रभाव से लागू क्यों नहीं किया जाता।
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भाजपा का मशाल जुलूस केवल ध्यान भटकाने का राजनीतिक प्रयास
वर्तमान की ज्वलंत समस्याओं का जिक्र करते हुए बारला ने पूछा कि महिलाओं की सुरक्षा, बेलगाम बढ़ती महंगाई, चरम पर पहुंची बेरोजगारी और पोषण जैसे अहम मुद्दों पर भाजपा सरकार की ठोस उपलब्धियां आखिर क्या हैं? उन्होंने भाजपा द्वारा हाल ही में प्रस्तावित ‘मशाल जुलूस’ को महज एक राजनीतिक पाखंड और दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य जनता का ध्यान देश की मूल और बुनियादी समस्याओं से भटकाना है। लेकिन, अब झारखंड की महिलाएं पूरी तरह से जागरूक हो चुकी हैं और वे इस तरह के राजनीतिक छलावे को भली-भांति समझती हैं।
महिला अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी कांग्रेस
प्रेस वार्ता के अंत में महिला कांग्रेस अध्यक्ष (पूर्वी सिंहभूम) नलिनी सिन्हा, सरायकेला खरसावां जिलाध्यक्ष संगीता प्रधान, पश्चिम सिंहभूम से राखी सुलेजा और रश्मी बेसरा ने संयुक्त रूप से हुंकार भरते हुए कहा कि महिला कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर अपना संघर्ष जारी रखेगी। किसी भी प्रकार के राजनीतिक भ्रम या छल को राज्य में सफल नहीं होने दिया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर कांग्रेस नेत्री अपर्णा गुहा, बहामनी टुडू, शबाना परवीन, रजनी बंसल, सीमा मोहंती, गुड्डी देवी, सुनीता मिश्रा, ईशा कुमारी, लखबीर कौर, सुरिंदर कौर, संतोषी देवी, सुनैना देवी, गीता गुप्ता, मीरा सिंह, बेबी सिंह, यशोदा उरांव, उर्मिला देवी, प्रमिला शर्मा और पूजा देवी सहित कई अन्य कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।



