
JAMSHEDPUR
लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि यहाँ असहमति का सम्मान किया जाता है। विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है, किंतु इसकी भी एक मर्यादा और संस्कृति होती है। हमारे संविधान ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी और शालीनता का भी आग्रह किया है। जब विरोध अपनी सीमाएँ लांघकर व्यक्तिगत अपमान, अभद्रता और सामाजिक संस्कारों के हनन का माध्यम बन जाए, तब वह लोकतांत्रिक मूल्यों का अवमूल्यन बन जाता है।


जमशेदपुर पश्चिम का ताजा प्रकरण और विवाद
ताजा मामला जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय की तस्वीर पर गुटखा थूकने और उनके विरुद्ध अश्लील गालियों का खुलेआम इस्तेमाल किए जाने से जुड़ा है। सरयू राय के एक बयान को तोड़-मरोड़कर कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने यह निष्कर्ष निकाल लिया कि मानो उन्होंने पूरे मानगो क्षेत्र के लोगों को अपराधी कह दिया हो। इसके बाद हुए विरोध-प्रदर्शन और पुतला दहन के दौरान विडंबना यह रही कि पुतला दहन करने वाले ही दो कार्यकर्ता झुलस गए। यह घटना प्रश्न खड़ा करती है कि क्या विरोध की समझ अब समाप्त होती जा रही है?
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अभद्र प्रदर्शन से विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि किसी सार्वजनिक व्यक्ति की तस्वीर पर थूकने, उसे पैरों से रौंदने और अश्लील भाषा का प्रयोग करने से आखिर हासिल क्या होता है? यदि विरोध के बाद स्वयं उसी पक्ष के लोगों को सोशल मीडिया पर माफी मांगनी पड़े, तो यह आत्ममंथन का विषय है। ऐसा विरोध न तो नैतिक बढ़त देता है और न ही जनसमर्थन अर्जित करता है। उलटे, यह विरोध करने वालों की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े कर देता है।
सरयू राय का 5 दशकों का सार्वजनिक जीवन
76 वर्ष की आयु में भी सक्रिय सरयू राय को केवल चार बार के विधायक के रूप में देखना उनके सार्वजनिक जीवन का सीमित आकलन होगा। वित्तीय पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण, दामोदर नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने और भ्रष्टाचार के विरुद्ध पिछले पाँच दशकों में उनके द्वारा उठाए गए अभियानों की एक विशिष्ट पहचान रही है। लोकतांत्रिक विमर्श में विचारों का उत्तर विचारों से दिया जाता है, अपमान से नहीं। सार्वजनिक जीवन में असहमति जितनी आवश्यक है, उतना ही आवश्यक है उसका सभ्य और मर्यादित स्वरूप।
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इस पूरे घटनाक्रम में मीडिया का रवैया संतुलित दिखा, जहाँ शब्दों के संयम को प्राथमिकता दी गई। लोकतंत्र की शक्ति अंधविरोध में नहीं, बल्कि मर्यादित और जिम्मेदार विरोध में निहित है।


