
JAMSHEDPUR
जमशेदपुर शहरी क्षेत्र के विभिन्न व्यावसायिक और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देशानुसार, शहर के कई बड़े संस्थानों में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रतिष्ठानों की तैयारियों का जायजा लेना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

धालभूम अनुमण्डल पदाधिकारी के नेतृत्व में 6 विशेष टीमों का गठन
इस विशेष अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अनुमण्डल पदाधिकारी, धालभूम, जमशेदपुर के नेतृत्व और पर्यवेक्षण में 6 विशेष जांच दलों का गठन किया गया है। इन टीमों में प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया है। गठित टीमों में 6 परीक्ष्यमान उपसमाहर्ता (Probationary Deputy Collectors), नगर निकायों के विशेष पदाधिकारी, सहायक नगर आयुक्त, सिटी मैनेजर, 1 पुलिस पदाधिकारी और 4 सशस्त्र बल के जवान शामिल हैं। इन टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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होटल, अस्पताल और कोचिंग संस्थानों में औचक निरीक्षण
प्रशासनिक गाइडलाइंस के तहत इन टीमों को शहर के प्रमुख होटलों, मॉल, अस्पतालों, विद्यालयों, आवासीय व व्यावसायिक भवनों और कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी अरेंजमेंट्स की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी क्रम में शहर के नामी प्रतिष्ठानों जैसे होटल क्वालिटी इन (साकची), अल्कोर होटल (बिष्टुपुर), गंगा रेजिडेंसी (एमजीएम गोलचक्कर) के साथ-साथ प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों जैसे एमआईआईटीजेईई (MIITJEE) क्लासेस प्रा. लि. (आमबागान), फिजिक्स वाला (Physics Wallah) और श्रीमान क्लासेस में सघन जांच की गई।
इन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित रही जिला प्रशासन की जांच
जांच के दौरान सुरक्षा से जुड़े हर बारीक पहलू को परखा गया, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल थे
अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता।
इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) और निकासी मार्ग की चौड़ाई।
फायर सेफ्टी अलार्म सिस्टम और विद्युत सुरक्षा (Electrical Safety)।
अग्निशमन विभाग (Fire Department) से जुड़े आवश्यक कानूनी दस्तावेज और NOC।
संस्थानों में सुरक्षा संकेतकों (Safety Signages) की मौजूदगी।
आपातकाल से निपटने के लिए कर्मचारियों की ट्रेनिंग और मानसिक तैयारी।
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लापरवाही बरतने वाले संस्थानों पर होगी सख्त कार्रवाई
उपायुक्त ने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि सार्वजनिक उपयोग वाले सभी छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें एक निश्चित समय-सीमा के भीतर सुधार करने की चेतावनी दी गई है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं किया गया या कोई गंभीर अनियमितता पाई गई, तो कानूनन सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का यह विशेष चेकिंग अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।



