जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर में वकीलों (अधिवक्ताओं) के बीच अपनी निस्वार्थ सेवा के लिए पहचाने जाने वाले जिला बार एसोसिएशन के पुराने कर्मी सुशांत नामता उर्फ ‘भोंदू’ इन दिनों जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। संकट की इस घड़ी में जमशेदपुर के अधिवक्ताओं ने उनके प्रति गहरी संवेदना और एकजुटता दिखाते हुए मदद के हाथ बढ़ाए हैं। भोंदू के बेहतर इलाज और परिवार को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनके परिजनों को 50 हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता सौंपी है। आपको बता दें कि भोंदू पिछले करीब 50 वर्षों से जिला बार एसोसिएशन से जुड़े हुए हैं और हमेशा अधिवक्ताओं की सेवा में तत्पर और समर्पित रहे हैं। उनके इस समर्पण को याद करते हुए वकीलों का समूह अब उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।
छत से गिरने के कारण सिर में आई है गंभीर चोट, वकीलों ने शुरू की मदद की पहल
परिजनों के अनुसार, लगभग दस दिन पहले एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में भोंदू अपने मकान की छत से नीचे गिर गए थे। इस हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। विशेषकर सिर में गहरी चोट लगने के कारण उनकी स्थिति नाजुक हो गई और वे कोमा में चले गए। वर्तमान में उनका इलाज रांची स्थित रिम्स (RIMS) अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टर उनकी जान बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस दुखद घटना की जानकारी जैसे ही जमशेदपुर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं को मिली, उन्होंने तुरंत मदद की पहल शुरू कर दी। अधिवक्ता विष्णु कुमार सत्पथी और बीवी सुब्रमण्यम ने इस पुनीत कार्य का बीड़ा उठाया और अन्य वकीलों से मिलकर भोंदू के इलाज के लिए आर्थिक मदद करने का आग्रह किया, जिसका सभी ने सकारात्मक समर्थन किया।
डिमना रोड स्थित आवास पहुंचकर पत्नी कल्याणी देवी और बच्चों को बंधाया ढांढस
इसी कड़ी में रविवार को वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल भोंदू के मानगो डिमना रोड, आदर्श नगर स्थित आवास पर पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से अधिवक्ता विष्णु सत्पथी, बीवी सुब्रमण्यम, सुधीर कुमार पप्पू, राहुल राय, राहुल कुमार, निशांत कुमार, मनोज कुमार और कुलविंदर सिंह आदि शामिल थे। वकीलों की टीम ने भोंदू की पत्नी कल्याणी देवी, उनकी बेटियों संध्या, अंजू, मंजू, रेखा और गीता तथा बेटे दुलाल नामता से मुलाकात की। वकीलों ने परिवार वालों से घटना का विस्तृत विवरण लिया और रिम्स में चल रहे इलाज की वर्तमान स्थिति और प्रगति के बारे में भी जानकारी हासिल की।
इलाज में नहीं आने दी जाएगी पैसों की कमी, आगे भी जारी रहेगा सहयोग
वकीलों की टीम ने इस मुश्किल वक्त में भोंदू के परिवार को ढांढस बंधाया और उन्हें हर संभव सहयोग करने का ठोस आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों से स्पष्ट रूप से कहा कि भोंदू के इलाज में पैसों की वजह से किसी भी तरह की कमी या कोताही नहीं की जानी चाहिए। 50 हजार रुपये की नकद राशि सौंपने के उपरांत, अधिवक्ता विष्णु सत्पथी ने बार एसोसिएशन के उन सभी वकीलों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने भोंदू के इलाज के लिए अपनी स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग दिया है। वहीं, अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने जानकारी देते हुए बताया कि कई अन्य वकील भी मदद के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि परिवार को अलग से और समय के अंतराल पर जरूरत के हिसाब से आगे भी राशि प्रदान की जाएगी।






