
ई दिल्ली। केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री श्री एच. डी. कुमारस्वामी से आज पूर्व केंद्रीय मंत्री और झारखंड के वरिष्ठ भाजपा नेता श्री अर्जुन मुंडा ने शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात विशेष रूप से बोकारो इस्पात कारखाना की विस्तार परियोजना को लेकर हुई, जिसमें दोनों नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा हुई।


करीब 20,000 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को झारखंड के औद्योगिक विकास की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। हालांकि विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से यह परियोजना पिछले कुछ समय से विलंबित हो रही है। श्री मुंडा ने इस विषय पर चिंता जताते हुए कहा कि इस परियोजना में हो रही देरी से न केवल राज्य बल्कि पूरे क्षेत्र का औद्योगिक विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि इस पर जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं।
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इस मौके पर इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के लिए गंभीर है। उन्होंने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट का विस्तार न केवल झारखंड बल्कि पूरे पूर्वी भारत के औद्योगिक ढांचे को नई ऊर्जा देगा। इसके लिए झारखंड सरकार के साथ बहुत जल्द एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, ताकि अटकी हुई प्रक्रियाओं का समाधान किया जा सके और परियोजना को गति मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि बोकारो स्टील कारखाना का विस्तार झारखंड के लिए नए औद्योगिक अवसरों का द्वार खोलेगा। इस परियोजना के सफलतापूर्वक पूरा होने पर हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके अलावा ancillary industries, छोटे व मझोले उद्योग और सेवा क्षेत्र को भी बड़ा लाभ होगा। साथ ही यह विस्तार झारखंड को इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में और अधिक मजबूत स्थिति में ला खड़ा करेगा।
स्थानीय उद्योगजगत से जुड़े लोगों का कहना है कि बोकारो स्टील प्लांट के विस्तार से राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी। खासकर उन जिलों में, जहां बेरोजगारी और रोजगार के अवसरों की कमी है, वहां यह परियोजना रोजगार और विकास की बड़ी उम्मीद बन सकती है।
झारखंड में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल को भी इस संदर्भ में अहम माना जा रहा है। यह परियोजना सफल हुई तो बोकारो एक बार फिर देश के इस्पात उत्पादन का मजबूत केंद्र बन जाएगा।


