
जमशेदपुर ।

मानगो नगर निगम क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट को लेकर राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। मानगो की जल संकटग्रस्त बस्तियों में पिछले पांच वर्षों से निजी टैंकरों के माध्यम से निशुल्क जल वितरण कर रहे भारतीय जनता पार्टी (झारखंड प्रदेश) के व्यापारिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नीरज सिंह ने मानगो की मेयर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुफ्त जल सेवा को रोके जाने को पूरी तरह से अमानवीय, असंवेदनशील और जनविरोधी कृत्य करार दिया है।
डिमना चौक जल टंकी पर टैंकरों को रोकने का आरोप
नीरज सिंह ने आरोप लगाया है कि मानगो की मेयर सुधा गुप्ता ने डिमना चौक स्थित मुख्य जल टंकी पर पहुंचकर वहां के कर्मचारियों को उनके निशुल्क सेवा देने वाले टैंकरों में पानी भरने से रोकने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि हजारों गरीब और जरूरतमंद परिवार, जिन्हें मानगो नगर निगम आज तक नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति देने में विफल रहा है, वे इन मुफ्त टैंकरों के भरोसे ही अपनी प्यास बुझा रहे थे। मेयर के इस कदम को उन्होंने राजनीतिक दुर्भावना और गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।
नगर निगम विफल, जनसेवा में भी डाली जा रही बाधा
बीजेपी नेता ने कहा कि मानगो नगर निगम बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा, लेकिन आज भी दर्जनों बस्तियां बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके टैंकर केवल बस्तियों में ही नहीं, बल्कि शादी-विवाह, श्राद्धकर्म और धार्मिक आयोजनों में भी 24 घंटे निशुल्क पानी उपलब्ध कराते हैं। नगर निगम के टैंकरों की अपनी सीमाएं हैं, जबकि उनके टैंकर रात के समय भी लोगों की मदद करते रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि यह तुष्टिकरण और जनहित की उपेक्षा मानसिकता का परिणाम है, जहां खुद समस्या का समाधान न करके दूसरों के सेवा कार्यों में बाधा पहुंचाई जा रही है।
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विधायक सरयू राय और सांसद से हस्तक्षेप की मांग, दी जनआंदोलन की चेतावनी
इस संवेदनशील मामले को लेकर नीरज सिंह ने क्षेत्र के विधायक सरयू राय, सांसद विद्युत वरण महतो और नगर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इन टैंकरों को पूर्व की भांति जल उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश जारी किया जाए ताकि गरीब जनता परेशान न हो। इसके साथ ही उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस विषय पर शीघ्र ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो जल संकट से जूझ रही बस्तियों की जनता को एकजुट कर लोकतांत्रिक तरीके से एक बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।


