जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित पीएम मॉल के एक होटल में रविवार को इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) द्वारा एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आधुनिक चिकित्सा पद्धति और रेडियोलॉजी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।
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AI से काम हुआ आसान, पर मानव बुद्धि सर्वोपरि
मुंबई से आयीं मुख्य वक्ता डॉ. मालिनी लवांडे ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई के माध्यम से मैनेजमेंट और डायग्नोसिस में काफी सहायता मिल रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई कभी भी ‘ह्यूमन इंटेलिजेंस’ (मानव बुद्धि) का स्थान नहीं ले सकता।
डॉ. लवांडे ने कहा:
“एआई वही कार्य करता है जो हम उसे निर्देश देते हैं। हमारे कार्य में यह सिर्फ एक सहयोगी की तरह है, जिससे काम आसान और जल्दी हो जाता है। अल्ट्रासाउंड और एमआरआई की नई मशीनों से अब शरीर की सबसे सूक्ष्म नसों को भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।”
रेडिएशन को लेकर दूर की भ्रांतियां
सेमिनार के दौरान एक्सरे और सीटी स्कैन से जुड़े रेडिएशन के खतरों पर भी चर्चा हुई। डॉ. लवांडे ने बताया कि एक्सरे और सीटी स्कैन में रेडिएशन की मात्रा इतनी कम होती है कि मरीज पर इसका कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ता। वहीं, उन्होंने जानकारी दी कि अल्ट्रासाउंड की प्रक्रिया पूरी तरह से रेडिएशन मुक्त होती है।
प्रशासनिक अधिकारियों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने किया उद्घाटन
इस गरिमामयी कार्यक्रम का उद्घाटन संयुक्त रूप से पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी पीयूष पांडे, सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी और सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
सेमिनार में उपस्थित प्रमुख गणमान्य: कार्यक्रम के सफल आयोजन में आईआरआईए, जमशेदपुर चैप्टर की अध्यक्ष डॉ. नीलम जैन, सचिव डॉ. अभिषेक जायस्वाल और कार्यकारी सचिव डॉ. संदीप की मुख्य भूमिका रही। इस अवसर पर डॉ. नीरज कुमार, डॉ. देवेश बहादुर, डॉ. दीपक, डॉ. सुष्मिता रेणु, डॉ. संजय और डॉ. अभिलाष सहित शहर के कई प्रतिष्ठित रेडियोलॉजिस्ट उपस्थित थे।
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