
जमशेदपुर।
श्री अग्रसेन जयंती समारोह 2025 का शुभारंभ गुरुवार को पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन (अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन की इकाई) द्वारा बड़े धूमधाम और धार्मिक आस्था के साथ किया गया। समारोह के पहले दिन समाज के लगभग 400 सदस्य शामिल हुए। सुबह साकची बाजार स्थित श्री शिव मंदिर परिसर से भव्य निशान यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्ति और ऊर्जा से भर दिया।
यात्रा में समाज के प्रत्येक सदस्य के हाथों में पीले और भगवा रंग के निशान थे। बैंड पार्टी की मधुर धुनों के बीच निकली इस शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण सात घोड़ों से सुसज्जित रथ था, जिस पर महाराज अग्रसेन की प्रतिमा विराजमान थी। महाराज अग्रसेन की जय-जयकार करते श्रद्धालु पूरे मार्ग में आगे बढ़े और यात्रा का समापन साकची स्थित श्री अग्रसेन भवन में हुआ।
अग्रसेन भवन में आरती और भजन संध्या
यात्रा के समापन के बाद अग्रसेन भवन में महाराज अग्रसेन की भव्य आरती हुई। इसके उपरांत भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय भजन गायक महावीर अग्रवाल एवं उनकी टीम ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। साथ ही राधा रानी मंडली की ओर से भी भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति दी गई। पूरा भवन भक्ति और श्रद्धा के माहौल में डूब गया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने भजनों का रसास्वादन किया।
सामाजिक एकता और आदर्शों का संदेश
समारोह का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजन समिति ने बताया कि यह कार्यक्रम न केवल समाज के लोगों को जोड़ता है, बल्कि महाराज अग्रसेन के आदर्शों – समभाव, न्याय, सहयोग और समाजसेवा – को पुनः स्मरण करने का अवसर प्रदान करता है।
प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य सदस्य और महिलाएं उपस्थित थीं। इनमें प्रांतीय अध्यक्ष उमेश शाह, ओमप्रकाश रिंगासिया, विजय खेमका, अरुण बकरेवाल, बजरंग लाल अग्रवाल, शंभू खन्ना, सांवरमल अग्रवाल, विमल रिंगसिया, विवेक चौधरी, पंकज छाछरिया, मोहित शाह, गिरधारी खेमका, अमर अग्रवाल, कमलेश चौधरी, नरेश अग्रवाल, नरेश सिंघानिया, योगेश मोदी, अजय चेतानी, अध्यक्ष सुशील अग्रवाल, सचिव मनोज पलसानिया, अंकित अग्रवाल समेत कई लोग शामिल रहे।
महिला प्रतिनिधित्व भी खासा रहा। इसमें कविता अग्रवाल (सोनारी), कविता अग्रवाल (सीतारामडेरा), ममता अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, शिल्पी पलसानिया, प्रियंका पोद्दार, निधि पटवारी, सीमा सपारिया, पारुल चेतानी, निशा सिंघल, बबीता रिंगसिया, चांदनी पाडिया, मिनी शाह और श्रुति शाह सहित अनेक महिलाएं सक्रिय रूप से शामिल हुईं।
इस प्रकार अग्रसेन जयंती का यह भव्य आयोजन समाज की एकता और सांस्कृतिक धरोहर का शानदार उदाहरण बन गया।


