जमशेदपुर। “मां” सिर्फ एक शब्द नहीं, वह संपूर्ण त्याग, प्रेम और समर्पण की प्रतिमूर्ति है। यही मिसाल जमशेदपुर के मसूर गजल गायिका सह संगीत शिक्षिका काकुली सरकार की है। जिन्होंने एक मां होने ने नाते अपने बेटे राहुल सरकार को न केवल पढ़ाई में निपुण बनाया, बल्कि उसे संगीत के क्षेत्र में भी पहचान दिलाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। आज राहुल सरकार देश मे लिटिल चैंप से लेकर कई बड़ी संस्थान में अपने मशहूर गीतों से एक अलग पहचान बन चुके हैं।लौहनगरी जमशेदपुर के काकुली सरकार ने बेटे के सपनों को उड़ान देने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी, ताकि वह उसके हर कदम पर मार्गदर्शन कर सके।आज मा के आशीर्वाद से राहुल सरकार ने एमबीए के डिग्री प्राप्त कर मुंबई में एक सफल स्टार्टअप चला रहा है। जहाँ कई लोग कार्यरत हैं। आज माँ के दिए गए संस्कार व आशिर्वाद से बेटे राहुल सरकार एक जिम्मेदार नागरिक बन गए। वह संगीत के क्षेत्र में भी पहचान बना रहा है। धीरे-धीरे मुंबई जैसे बड़े मंच की ओर बढ़ रहा है। आज काकुली सरकार ने गर्व से कह सकती हैं उनका बेटा उन्हीं के आदर्शों पर चल रहा है जो उन्होंने उसे सिखाए थे। यह कहानी न केवल एक मां की अटूट ममता की है, बल्कि यह उस भारतीय महिला की शक्ति के प्रतीक है, जो अपने परिवार की नींव होती है और हर परिस्थिति में अपने बच्चों की सफलता के लिए खुद को समर्पित कर देती है।





