
डालसा के तत्वावधान में हुआ बड़ी अदालत का आयोजन

जमशेदपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) जमशेदपुर के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में मई माह के अंतिम शनिवार को मासिक लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस अदालत का मुख्य उद्देश्य वर्षों से लंबित मामलों को आपसी समझौते के आधार पर तुरंत सुलझाना था, ताकि आम जनता को अदालती चक्करों से मुक्ति मिल सके। डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने आयोजन की सफलता और आंकड़ों की आधिकारिक जानकारी मीडिया के साथ साझा की।
प्री-लिटिगेशन और कोर्ट में लंबित मामलों पर हुई सुनवाई
सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि इस मासिक लोक अदालत में कुल 97 केस का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। लोक अदालत में मामलों को दो श्रेणियों में बांटकर सुना गया था। इसमें ‘प्री-लिटिगेशन’ (न्यायालय में पहुंचने से पहले के मामले) के कुल 33 मामलों की सुनवाई हुई। वहीं दूसरी ओर, विभिन्न कोर्ट में पहले से ‘लंबित’ (Pending Cases) कुल 64 मामलों पर सुनवाई की गई। दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 97 केस का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया गया।
लाखों रुपये के राजस्व का हुआ संग्रहण
इस कानूनी अभियान के दौरान न केवल मामलों का निपटारा हुआ, बल्कि बड़े पैमाने पर राजस्व की भी प्राप्ति हुई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कोर्ट केस के माध्यम से कुल 6,58,000 रुपये का राजस्व संग्रहण (Revenue Collection) किया गया। आपसी सहमति से जुर्माने और सेटलमेंट की राशि जमा होने के बाद इस राजस्व को सरकारी खाते में जमा कराया गया है, जो इस लोक अदालत की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मामलों के निपटारे के लिए गठित की गई थीं 10 विशेष बेंच
लोक अदालत में आने वाले फरियादियों को लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थीं। पूरे जिले में कुल 10 विशेष बेंचों का गठन किया गया था। इसमें जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय (Jamshedpur Court) परिसर में 6 बेंच और घाटशिला अनुमंडल न्यायालय (Ghatshila Court) में 4 बेंचें क्रियाशील थीं। इन सभी बेंचों में न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की मौजूदगी में दोनों पक्षों को सुना गया और सौहार्दपूर्ण माहौल में वादों का निष्पादन हुआ।



