
जमशेदपुर – झारखंड की पावन भूमि पर अब एक नई आध्यात्मिक पहचान बनने जा रही है। जमशेदपुर से सटे गालूडीह के श्री माता वैष्णोदेवी धाम में भगवान शिव की भव्य प्रतिमा का निर्माण प्रस्तावित है, जो पूरे झारखंड को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर एक विशेष स्थान दिलाएगा।


मंदिर परिसर के अध्यक्ष स्वामी हृदयानन्द गिरि जी महाराज ने जानकारी दी कि यह विशाल मूर्ति 61 फीट ऊंची, 36 फीट लंबी और 27 फीट चौड़ी होगी। इसका निर्माण तीन वर्षों में लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। मूर्ति के चारों ओर संगीतमय फव्वारे लगाए जाएंगे, जिनके जरिए प्रतिदिन शिव स्तोत्रों के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
स्वामी जी ने बताया कि इस प्रतिमा का उद्देश्य केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता और पर्यटन को भी बढ़ावा देना है। यह स्थल देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा। वर्षा ऋतु के बाद शिलान्यास तिथि घोषित की जाएगी, और निर्माण कार्य में अनुभवी शिल्पकारों तथा इंजीनियरों की सेवाएं ली जाएंगी।
इस महायोजना की सफलता के लिए 108 करोड़ “ॐ नमः शिवाय” मंत्र जप का संकल्प लिया गया है, जिसमें देश-विदेश से भक्तों को शामिल होने का आह्वान किया गया है। भक्तगण जप और सेवा के माध्यम से इस परियोजना में योगदान कर सकते हैं।
श्रावण मास के पहले सोमवार को राज्यपाल संतोष गंगवार ने इस परियोजना की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ रांची राजभवन में किया। श्रद्धालु matavaishnodevidham.org पर जाकर या “Mata Vaishno Devi Dham” मोबाइल ऐप डाउनलोड कर पंजीकरण कर सकते हैं। यहां वे रोज किए गए मंत्र-जप को दर्ज कर इस वैश्विक अभियान में भाग ले सकते हैं।
स्वामी जी ने समस्त शिव भक्तों से अपील की है कि वे इस पुण्य कार्य में जप और धन दान के माध्यम से भाग लें, ताकि यह धार्मिक योजना सफल होकर समाज को एक नई दिशा दे सके।


