किसानों का एक स्वर दृढ़ निश्चय, तीनों काले कानून वापस हों: भगवान सिंह
JAMSHEDPUR
उत्तर प्रदेश बॉर्डर के सीमा क्षेत्र में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में पूर्वी सिंहभूम के किसान समर्थकों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के रूप में शुक्रवार को घाटशिला प्रखंड में हल्ला बोला।
किसान आंदोलन एकजुटता मंच एवं संयुक्त किसान मोर्चा के सहयोग में पूर्वी सिंहभूम माझी परगना महाल के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया।
किसानों के समर्थन में बोलते हुए किसान नेता व गुरुद्वारा सिंह सभा मानगो के प्रधान ने कहा कि किसानों ने एक स्वर में दृढ़ निश्चय कर लिया है कि जबतक तीनों काले कानून वापस नही हो जाते तब तक उनका धरना प्रदर्शन ऐसे ही चलता रहेगा। धरना प्रदर्शन तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में किया गया सर्वप्रथम माझी परगना महाल भवन पावड़ा में एकत्रित होकर सिद्धू कानू के मूर्ति पर माल्यार्पण कर एक विशाल रैली निकाला गया।
यह रैली घाटशिला कॉलेज रोड होते हुए गोपालपुर रेलवे ओवरब्रिज तक गया फिर वहां से वापस रैली प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय घाटशिला में आकर धरना में बैठ गए।
रैली में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान भारत सरकार के द्वारा बनाया गया 3 केंद्रीय कृषि कानून किसानों के हित में नहीं है एवं यह कानून लागू होने से कारपोरेट घराने को ही कई तरह के लाभ मिलने लगेगा। झारखंड में भी कृषि क्षेत्र में सरकार के तरफ से उचित सहयोग नहीं मिलने के कारण किसानों को मजबूरन अपना खेत खलिहान बेचकर एवं विस्थापित होकर पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। धरना प्रदर्शन को देश परगना बैजू मुर्मू, मानगो गुरुद्वारा के प्रधान भगवान सिंह, मऊभंडार गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान हरभजन सिंह, के सी मार्डी, धीरेन भकत, बहादुर सोरेन, सांखो मुर्मू, सुराई बास्के, आदि ने संबोधित किया।
इसके अलावा सीमांत बारीक,आशारानी पाल, पानमुनी सिंह, शियासरन शर्मा, अरबिंद अंजुम, डॉ राम कविन्द्र, गौतम बोस,मोहम्मद गुलाम,जुझार सोरेन,मनोरंजन महतो आदि उपस्थित थे।संचालन मदन मोहन सोरेन ने और धन्यवाद ज्ञापन जसवंत सिंह ने किया।
अंत में मौके पर उपस्थित किसानों के द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में निम्नलिखित मांगे शामिल है। मौके पर ग्राम प्रधान लूगु मुर्मू सुधीर टुडू, बायला मार्डी, बागुन हेंब्रम, राम मुर्मू, मानसिंह मुर्मू, लखन बेसरा, प्रियव्रत सोरेन, सुनील वान सिंह, परिमल किस्कु इकबाल सिंह, कुलदीप सिंह, रविन्द्र सिंह, जगजीत सिंह, सुखदेव सिंह, सरबजीत सिंह, हीरा सिंह, बंटी सिंह, त्रिलोक सिंह, सुखवंत सिंह, सुमित रॉय, आशा देवी आदि उपस्थित थे।
