
जमशेदपुर।


कर्ण कायस्थ महासभा द्वारा गोलमुरी स्थित खालसा क्लब में कर्ण कायस्थ महासभा दिवस का आयोजन किया गया । इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत दिव्य रत्न के गणेश वंदना से हुई । उसके बाद श्रीमती ज्योति चौधरी ने चित्रगुप्त वंदना प्रस्तुत किया।
झारखंड के प्रांतीय अध्यक्ष अशोक कर्ण, जो बोकारो से आए हुए थे, ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का संगठन है। यह अभी शैशवस्था में है। पिछले वर्ष 28 दिसंबर को इस संगठन की स्थापना हुई है। पहली स्थापना दिवस पर सभी राज्यों के प्रांतीय अध्यक्ष कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। हम चाहते हैं कि देश विदेश में जहां भी कर्ण कायस्थ हो , इस संगठन से जुड़े। हम लोग उन्हें सभी तरह की मदद करेंगे। साथ ही साथ राष्ट्रीय स्तर पर, राजनीति का स्तर पर भी हमारी छवि बने। यह पहला स्थापना दिवस बिरसा मुंडा की धरती झारखंड में हम लोग मना रहे हैं। हमारे अध्यक्ष हैदराबाद से श्री बी के कर्ण और चेन्नई से उपाध्यक्ष प्रकाश कुमार दास भी आए हुए हैं।
वही कर्ण कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी के कर्ण ने बताया की यह क्षण हमेशा यादगार रहेगा। कर्ण कायस्थ ने देश के हित में ,आज तक अपने देश के लिए काम किया है। आरक्षण कभी नहीं लिया है। हमने हमेशा समाज को और देश को दिया ही है । पावर ऑफ कर्ण कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय पहचान है । इस अवसर पर कर्ण गोष्टी के उन महानुभाव को सम्मानित किया गया, जो पिछले कई वर्षों से समाज सेवा में लगे हुए थे। उन्हें पाग पहनाकर और चादर ओढ़ा कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। रविवार को टाटानगर स्टेशन में 2 व्हील चेयर कर्ण कायस्थ महासभा की ओर से डिविजनल मैनेजर को प्रदान किया गया ताकि जो भी मरीज ट्रेन में चढ़ने आए, वह व्हीलचेयर का इस्तेमाल कर सकें।
इस अवसर पर रमेश कुमार, नागेंद्र कुमार कर्ण, डी के रंजन , डॉ विनय कर्ण आदि उपस्थित थे।

