जमशेदपुर।
समाहरणालय सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री अमित कुमार ने कहा कि सरकार का मिशन रहा है कि किसानों की आय को दोगुना करें। कृषि के क्षेत्र में सबसे निर्णायक कड़ी के रूप में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत झारखंड सरकार द्वारा की जाएगी। जिसमें खरीफ के समय में किसानों को प्रति एकड़ ₹5000 की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसान बेहतर तरीके से कृषि संबंधी निवेश कर सकें और अपनी उत्पादकता को बढ़ा सकें। रैयत के पास 2 डिसमिल, 10 डिसमिल 15, डिसमिल भूमि भी है तो न्यूनतम ₹5000 की राशि उनको वित्तीय सहायता के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। बड़े आकार की जमीन पर 5 एकड़ पर ₹25,000 तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
1810 राजस्व ग्रामों में 2,55,454 किसानों को प्री प्रिंटेड नोटिस निर्गत
उपायुक्त ने जानकारी दी कि योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने कृषि गणना के आंकड़ों को दुरुस्त करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। इसी कड़ी में 1810 राजस्व ग्रामों में 2,55,454 किसानों को प्री प्रिंटेड नोटिस निर्गत किए गए हैं। इसके माध्यम से संबंधित किसानों के बैंक अकाउंट विवरण, भूमि से संबंधित प्रतिवेदन की मांग की जा रही है। उपायुक्त ने बताया कि भूमि संबंधी प्रतिवेदन की जांच अंचल अधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी के माध्यम से की जानी है।
जिले के सभी राजस्व ग्रामों में ग्राम सभा कर रैयत समन्वय समिति का गठन
उपायुक्त ने जानकारी दी कि कल 21 जनवरी को सभी ग्रामों में ग्राम सभा का आयोजन करके रैयत समन्वय समिति का गठन किया गया है। यह रैयत समन्वय समिति आगे आने वाले दिनों में स्थानीय रूप से यदि कोई विवाद अथवा कोई परेशानी इनके क्रियान्वयन में है तो उसको दूर करने का कार्य करेगी। स्थानीय लोगों में भी काफी उत्साह है इस योजना को लेकर। उन्होंने कहा कि 26 फरवरी तक पूरी कार्य योजना के माध्यम से जमशेदपुर के जितने भी कृषक रैयत हैं उनके आंकड़ों को दुरुस्त किया जाएगा। जो संबंधित छोटे-छोटे विवाद हैं उनका निपटारा कर के एक पोर्टल में तैयार किया जाएगा ताकि इसका उपयोग आगे आने वाले दिनों में किसानों को सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत लाभार्थी बनाया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए पहली शर्त है कि कृषि गणना के आंकड़ों को दुरुस्त करें। उस कार्य को जिला प्रशासन सभी के सहयोग से समय पर पूर्ण करेगा। उपायुक्त ने जानकारी दी कि कल 1800 रैयत समन्वय समितियों का गठन किया गया। उन्होंने जानकारी दी की जो किसानों से आंकड़े मांगे जा रहे हैं वह भूमि संबंधी प्रतिवेदन हैं। भूमि संबंधी आंकड़ों को सरकार एकत्र कर रही है जिससे कि किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। यह किसानों को सशक्त करने वाली योजना है। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना अंतर्गत जो आंकड़े मांगे जा रहे हैं वे पूर्ण रूप से कृषकों के हितों की रक्षा और उनको वित्तीय लाभ दिलाने हेतु लिए जा रहे हैं।



