
चाईबासा: झारखंड के कोल्हान विश्वविद्यालय (Kolhan University, Chaibasa) और इसके 18 अंगीभूत महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) करने के इच्छुक युवाओं के लिए एक जरूरी खबर है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अप्रेंटिसशिप के खाली पदों को भरने के लिए दूसरे चरण (Second Phase) की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जारी की गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, पूर्व में आवेदन कर चुके 397 अभ्यर्थियों को 12 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक अपनी प्राथमिकता (Priority Registration) दर्ज करने का पुनः अवसर दिया गया है। यह प्रक्रिया विवि मुख्यालय, स्नातकोत्तर (PG) विभागों और कॉलेजों में उपलब्ध कुल 129 पदों को भरने के लिए की जा रही है।


यह भी पढ़ें :Jamshedpur News: टाटानगर स्टेशन पर लहराया शहर का सबसे ऊंचा और बड़ा तिरंगा! रेल सिविल डिफेंस टीम ने किया ध्वजारोहण
पहली सूची से केवल 39 अभ्यर्थियों ने किया जॉइन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह मौका केवल उन अभ्यर्थियों के लिए है जिन्होंने पहले से आवेदन किया हुआ है, यह कोई नई आवेदन प्रक्रिया नहीं है।
क्या है पदों का गणित: कोल्हान विश्वविद्यालय में अप्रेंटिसशिप के लिए कुल 397 आवेदन प्राप्त हुए थे, जबकि यहां कुल 129 अप्रेंटिसशिप पद ही उपलब्ध हैं।
कितने पद हैं खाली: इससे पहले विश्वविद्यालय द्वारा 107 अप्रेंटिस अभ्यर्थियों की पहली मेरिट सूची जारी की गई थी। हालांकि, इनमें से केवल 39 अभ्यर्थियों ने ही विवि मुख्यालय और अंगीभूत महाविद्यालयों में अपना योगदान दिया (जॉइन किया) और वर्तमान में कार्यरत हैं। अब इन्हीं शेष बचे रिक्त पदों को भरने के लिए दूसरी सूची (Second Merit List) जारी की जानी है।
विवि की खास अपील- ‘सभी 18 कॉलेजों को दें प्राथमिकता’
विश्वविद्यालय की ओर से सभी शेष अभ्यर्थियों से एक विशेष अपील की गई है कि वे प्राथमिकता दर्ज करते समय किसी एक ही संस्थान का चयन न करें।
क्या करें अभ्यर्थी: उपलब्ध अप्रेंटिसशिप के अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थी कोल्हान विश्वविद्यालय, स्नातकोत्तर विभाग और इसके सभी 18 अंगीभूत महाविद्यालयों को अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल करें।
कैसे करें प्रक्रिया पूरी: अभ्यर्थी अपनी राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना (NATS) की पहचान संख्या और पासवर्ड (कूटशब्द) के माध्यम से पोर्टल पर लॉग इन करके स्वयं या किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC / प्रज्ञा केंद्र) के माध्यम से अपनी प्राथमिकता दर्ज कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे 19 अगस्त 2026 की अंतिम तिथि समाप्त होने से पहले यह प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी कर लें



