
जमशेदपुर।


राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हमारे राष्ट्र के पास विशाल मानव संपदा है। यह मानव संपदा बौद्धिक रूप से सशक्त होगी तो निश्चित रूप से हम दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में शुमार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य की
आबादी को शिक्षित करने एवं बौद्धिक रूप से मजबूत करने हेतु हम सतत प्रयासरत हैं। लोगों को शिक्षित करने का मतलब सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं है। हम अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराने हेतु निरंतर प्रयास कर रहे हैं। व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में खेलों का बहुत महत्व है। खेल जगत में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य के होनहार खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन का लोहा मनवाया है। सरकार खेल प्रतिभाओं को मुकम्मल मंच और तमाम सुविधाएं देने के लिए भी कृत संकल्पित है। राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आज जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स जमशेदपुर में झारखंड राज्य अंतर्विश्वविद्यालयी (इंटर यूनिवर्सिटी) चांसलर ट्रॉफी – 2019 आर्चरी (मेन/ विमेन) एवं बॉक्सिंग (मेन/विमेन) के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रही थीं। दो दिवसीय चांसलर ट्रॉफी का आयोजन दिनांक 21 से 22 जनवरी तक होगा।
राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मेरे लिए यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि कोल्हान विश्वविद्यालय आज चांसलर ट्रॉफी-आर्चरी एंड बॉक्सिंग का आयोजन कर रहा है। उन्होंने इस कंपटीशन में भाग ले रहे झारखंड राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए हुए प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कंपटीशन में उम्दा प्रदर्शन करने वाले कोल्हान विश्वविद्यालय के छात्रों को बधाई,
राज्यपाल ने कहा कि राज्य की युवा खेल जगत में एक मजबूत सितारा बनेंगे जो देश दुनिया में झारखंड का नाम रोशन करेंगे। इस दृष्टि से खेल मात्र मनोरंजन का साधन नहीं है इसका व्यापक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मनो-मस्तिष्क का निवास होता है, स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा की भावना प्रबल होती है। राज्यपाल ने कहा कि निश्चित रूप से पढ़ाई अत्यंत आवश्यक है लेकिन खेल-कूद, व्यायाम तथा योग भी जरूरी हैं। राज्य में असीम खेल प्रतिभा निहित है। इसका उदाहरण है क्रिकेट, तीरंदाजी जैसे क्षेत्रों में राज्य के खिलाड़ियों ने दिव्य कीर्तिमान अर्जित किए हैं और पूरे विश्व में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।
राज्यपाल ने हाल ही में कोल्हान विश्वविद्यालय के तीन छात्र छात्राओं को ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कंपटीशन में आर्चरी में स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर उनकी सराहना की और राष्ट्रीय स्तर पर कोल्हान विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने हेतु बधाई दी।
19 तारीख को पुनः प्रारंभ हुई चांसलर ट्रॉफी प्रतियोगिता
राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बीच में चांसलर ट्रॉफी बंद हो गई थी। मैंने जब कुलाधिपति का पद ग्रहण किया तो रिव्यू के दौरान मैंने इसकी शुरुआत फिर से करने का संकल्प लिया। 19 तारीख को पुनः चांसलर ट्रॉफी की शुरुआत श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में उनकी अगुवाई में एथलीट चैंपियनशिप का तीन दिवसीय आयोजन हुआ। वहां भी कोल्हान विश्वविद्यालय के छात्रों ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर अपने विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया।
मेघा के अनुरूप बच्चों को प्राप्त हो प्रशिक्षण
राज्यपाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी, कॉलेज, प्राथमिक स्कूल, सेकेंडरी स्कूलों में भी बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी रुचि रखते हैं। बच्चों को आगे लाने के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं उनके अंदर जो भी प्रतिभा है उसे उभारना चाहिए। खेलकूद, नृत्य, गायन, ललित कला आदि जिस भी क्षेत्र में बच्चों की अभिरुचि है उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। बच्चों के अंदर जो भी मेधा है उसे प्रशिक्षण देकर और भी निखारना चाहिए।
तीरंदाजी में राज्य के बच्चों की विशेष रूचि
राज्यपाल ने कहा कि तीरंदाजी झारखंड के अहम खेलों में से एक है। राज्य का बच्चा-बच्चा इसके प्रति अभिरुचि रखता है। उन्होंने कहा कि गर्व की बात है कि हमारे राज्य की बेटी दीपिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर राष्ट्र और राज्य का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा कि हम अगले ओलंपिक खेलों में तीरंदाजी में पदक की अपेक्षा करते हैं। एकलव्य की तरह स्वयं सिद्ध होकर यहां के होनहार बच्चे बच्चियां तीरंदाजी में सराहनीय उपलब्धियां प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करती हूं कि इस प्रतिस्पर्द्धा के बहाने देश को अवश्य मेधावी खिलाड़ी प्राप्त होंगे।
बॉक्सिंग के क्षेत्र में देश की एमसी मैरीकॉम ने मिसाल कायम की
राज्यपाल ने कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय में बॉक्सिंग की भी मेजबानी की जा रही है इसके प्रति भी बच्चे गहरी अभिरुचि रखते हैं यह आत्मरक्षा का भी जरिया है। एमसी मैरीकॉम ने इस क्षेत्र में मिसाल पेश की है और देश का नाम रोशन किया है। राज्यपाल ने कहा कि सभी महिला कॉलेजों में यह निर्देश दिया गया है कि मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जाए जिससे बच्चे खुद की सुरक्षा कर सकें। राज्यपाल ने कहा इससे बच्चे शारीरिक तौर पर भी हृष्ट-पुष्ट बनेंगे।
राज्यपाल ने किया युवाओं का उत्साहवर्धन
राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि एक-एक बच्चा संभावनाओं का भंडार है, कोई किसी से कम या ज्यादा नहीं है। सभी अपने आप में विशिष्ट हैं। किसी का अनुगामी बनने से अधिक अच्छा है अपना रास्ता खुद तय करना और अपनी मंजिल खुद चुनना। उन्होंने कहा कि आप सभी बच्चे अनुशासन, संयम और ईमानदारी से प्रयास करें तो आपके द्वारा सोची गई दुनिया की मुश्किल से मुश्किल उपलब्धि भी बड़ी आसानी से हासिल कर पाएंगे
अपने संभाषण में राज्यपाल ने कहा कि सभी प्रतिभागियों के साथ कोल्हान यूनिवर्सिटी परिवार को शुभकामनाएं देती हूं और आशा करती हूं कि एक मजबूत और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सभी अपनी ईमानदार जिम्मेवारी सुनिश्चित करेंगे और अपने अंदर निहित असीम संभावनाओं को पहचानेंगे।

