
सुधा झा

जमशेदपुर।
शहर से 25 किलोमीटर दूर सरायकेला जिला के बीरबास के भोलाडीह गाँव मे तथाकथित डायनो ने पिकनीक मनाया।इस दौरान करीब 30 महिलाओं ने भाग लिया।हालाँकि इस पिकनीक मे जिले के प्रशासनिक अधिकारीयो को बुलाया गया था लेकिन कोई भी अधिकारी इस कार्यक्रम मे शामिल हूए।दिन भर चले कार्यक्रम मे तथाकथित डायनो ने इस अंधविश्वास को कैसे खत्म करे उस पर चर्चा किया गया।
तथाकथित डायनो का पिकनीक करने वाले आयोजक कवि कुमार ने कहा कि डायनो को पिकनीक मनाने के लिए सरायकेला खरसावा जिला को इसलिए चूना गया क्योंकि यहाँ के गम्हरिया थाना के सिमुलबेड़ा गाँव में डायन हत्या के तहत एक ही परिवार के छ छ लोगों काटकर जला दी गई थी।इसी तरह की घटना कुचाई थाना के सिगिरदा टोला में चार चार हत्या हूँ है।इन घटना में कथित डायनो का सर धड़ से अलग था।उन्होंने कहा कि 1991 से 2012 में 21 वर्षों में जहाँ मात्र की 3 डायन की हत्या हूँ है वही 12 सितंबर 2015 से 9 जून 2016 यानि 9 माह के अंदर जिले मे 6डायन की हत्या हो चूकी है। यह आँकड़ा खतरे को संकेत देता है।इस बढ़ते अधविश्वास को कैसे कम किया जाए उसी को लेकर तथाकथित डायनो एक मंच पर लाकर इसके विरोध अभियान चलाना ।
ज्यादातर मामले में परिवार विवाद के
तथाकथित ड़ायनो से बातचीत से पता चला कि जो भी महिला को घर से डायन करार देकर घर से निकाल दिया गया है सभी परिवार या संपत्ति विवाद का मामला है।इस सर्दभ मे आदित्यपुर की रहने वाली तथाकथित घोषित डायन घोषितपानू सोरेन (26)ने कहा कि उसकी शादी 2007 मे सरायकेला के चैतनपूर मे हूई।पिता रेलवे मे होने के कारण काफी धूमधाम से शादी हूई।शादी के कुछ दिन तक ठीक चलाया लेकिन कुछ दिनों के बाद झगड़ा शूरू हो गया।जब भी पति शराब पी कर आते दोनों मे मेरे साथ मारपीट करते।और मुझे डायन कहते।मेरे पति ने कहते थे कि तुम्हारे कारण ही भाई भाई मे लड़ाई हुआ है।अत मे मुझे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया।आज मेरे पास दो बेटा है एक छोटा बेटा मेरे पास है जिसे मैं छोटा मोटा काम करके पढ़ा रही हू।मामला कोर्ट में विचाराधीन है।कुछ इसी तरह की कहानी बीरबास की चारूलता देवी की है लेकिन उसके पति ने उसे सहयोग दिया और दोनों आज परिवार से अलग हो कर एक साथ खुशी खूशी रह रहे है। वहीं बीर बाँस की रहने वाली जो सबसे उम्र की महिला है उसे भी सपंति विवाद के कारण घर से निकाल दिया गया है।
गाँव गाँव जाकर चलाया जाएगा अभियान
घर से डायन कह कर निकाली गई छुट्नी महतो गाँव गाँव जाकर इस प्रकार की अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चला रही है।छुट्टी ने कहा कि अगर सरकार की ओर से उन्हें मदद मिलेगी तो यह अभियान वह पुरे राज्य मे चलाएगी।ताकि लोगों के मन से डायन जैसे शब्द हट जाए

