
जमशेदपुर।


सोनारी स्थित मैरिन ड्राईव पथ मे दो मुहानी के समीप स्वर्णरेखा नदी पर चार लेन पुल निर्माण काम शुऱु हो चुका है। इस पूल मे लगने वाले सभी पाया का काम अंतिम चरण पर है। पुल की लंबाई 252 मीटर एवं चौंड़ाई 12 मींटर है । पुल के निर्माण मैरिन ड्राईव फोर लेन पथ एवं रांची – टाटा( एन एच-33) फोर लेन पथ से सीधा जुड़ जाएगा। यह पूल दो लोकसभा और दो विधानसभा क्षेत्र के साथ साथ दो जिले को भी जोड़ेगा। इस पुल के निर्माण होने से रांची एव पुरुलिया की दुरी 10 किलो मीटर की कमी आ जाएगी।यही कहा जाए कि रांची. बोकारो, पुरुलिया एवं घनबाद शहर की यात्रा समय मे कम से कम 30 मीनट बचत होगी। इस पुल से लोग सीधे कपाली,डोबो,रुगड़ी, पुरुसिली , कांगनबेड़ा होते हुए एन एच 33 पकड़ सकते है। इसके लिए नये सड़क की निर्माण किया जा रहा है। जिसकी लंबाई 7.70 किलोमीटर तथा चौडाई 10 मीटर है।यही नही यह पूल यहां के लोगो के लिए मानगो एवं डिमना व्यस्त मार्ग से बचने की वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान भी करेगा।
इस पूल के निर्माण हो जाने से शहर के औधोगिक एवं रिहायशी विस्तार को नया आयाम प्रदान होगा। जिसके फलस्वरुप नदी के दुसरी ओर लगभग करीब 12 हजार एकड़ क्षेत्रफल का विकास होगा। सोनारी की दुसरी छोर मे नई कॉलोनिया बसेगी। इस पुल के बन जाने से समाजिक आर्थीक विकास होगा। और शहर मे भारी वाहनो का आवागमनो मे कमी आएगी। साथ साथ दुर्घटना मे नही के बराबर होगा।
क्या कहते है स्थानिय लोग
दो मुहानी मे बन रहे स्वर्णरेखा नदी पर पुल बन जाने से यहां के लोगो को काफी राहत मिलेगी। कदमा के रहने वाले होटल व्यवसायी मिथीलेश झा ने बताया कि उन्हे अपने होटल व्यवस्य़ा के सिलसिले मे सप्ताह मे एक बार रांची जाना पडता है। वेसे तो हमलोग कांड्रा चाण्डिल होकर रांची जाते है।लेकिन चाण्डिल का पुल दुट जाने के कारण हमलोग मानगो होकर रांची आना जाना करते है। मानगो मे जाम के कारण हमेशा हमलोगो को एक घंटा अतिरीक्त समय लगता है। लेकिन जब से पता चला है कि सरकार के द्वारा नया पुल बनाया जा रहा है तो हमलोगो के लिए खुशी की बात है। क्योकि अब रांची हमलोग अपनी गाड़ी से पोने दो घंटे मे पहुच जाएगा। औधोगपति एस एन ठाकुर ने कहा कि पूल बन जाने से इस बात का फायदा होगा कि कंपनी मे माल बन कर तैयार है लेकिन नो इंन्ट्री के कारण नही जा सकता है। जिसके कारण समय काफी बरबाद होता है। इस पुल के बन जाने से नो इंट्री वाला सिस्टम खत्म हो जाएगा। ट्रक मे माल लोड कर गंतव्य कोलकोता , मुंबई और भुवनेश्वर कभी भी भेजा जा सकता है।यही नही कई बार बाहर से कंपनी के लिए माल मगांया जाता है.और कंपनी मे उस माल के बिना उत्पादन नही हो सकता है। पता चलता है कि नो इंट्री के कारण ट्रक एन एच पर खड़ा है। इस पुल का निर्माण हो जाने से ये सब चक्कर नही रहेगा। कंपनी के उत्पादन मे कोई फक्र नही पड़ेगा।

