पटना-तेज तर्रार आई पी एस जांएगे महाराष्ट्र

SANJAY KUMAR SUMAN

संजय कुमार सुमन
पटना
शिवदीप लांडे अपने वर्किंग स्टाइल को लेकर बिहार से लेकर महाराष्ट्र में चर्चित हैं, खासकर लड़कियों के बीच। 2006 बैच के आईपीएस शिवदीप इन दिनों बिहार में स्‍पेशल टास्‍क फोर्स (एसटीएफ) के एसपी हैं। खबर है कि वे बिहार से विदा हो रहे हैं और तीन सालों की डेपुटेशन पर महाराष्‍ट्र जा रहे हैं। शिवदीप लांडे महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और पिछले 10 सालों से बिहार में तैनात हैं।
बताया जा रहा है कि शिवदीप को महाराष्ट्र बुलाने में उनके मंत्री ससुर का बहुत बड़ा रोल है।
खबरों के मुताबिक गृह मंत्री ने लांडे की अर्जी कबूल कर ली है।बता दें कि लांडे की शादी महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और पुणे के पुरंदर से एमएलए विजय शिवतारे की बेटी ममता से हुई है।
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस के आदेश पर मार्च में ही शिवदीप को महाराष्ट्र लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव केपी बख्शी के मुताबिक पुलिस महानिदेशक के निर्णय के बाद अंतिम फैसला लिया जाना था।खुद शिवदीप भी महाराष्ट्र में काम करना चाहते थे। उन्होंने अपने ट्रांसफर के लिए अर्जी दी थी।

ऐसी है शिवदीप की पर्सनल लाइफ…..
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद शिवदीप ने मुंबई में रहकर यूपीएससी की तैयारी की।
इस दौरान उनका एक बड़ा फ्रेंड सर्कल बन गया था। बिहार में तैनात होने के बावजूद शिवदीप अक्सर मुंबई अपने फ्रेंड्स से मिलने जाते थे।
शिवदीप द्वारा किए गए कामों की चर्चा बिहार समेत पूरे महाराष्ट्र में होती रहती है। उनके काम करने के स्टाइल से लड़कियों के बीच उनका खासा क्रेज है
आपने फिल्मी पर्दे पर पुलिसवालों के कई किरदार को देखा होगा। फिर चाहे वो निडर सिंघम हो या फिर मजाकिया चुलबुल पांडे, लेकिन पटना की बेजान सड़कों पर रीयल लाइफ से सिंघम शिवदीप लांडे के करनामे देखे ।
बेखौफ होकर अपराधियों को धूल चटाने वाले शिवदीप की कदमों की आहट से पटना की सड़के जीवित हो उठी थी । अपराधियों की शामत लाने वाला शिवदीप का नाम बच्चा-बच्चा जानता है। कोई इसे सिंघम तो कोई चुलबुल पांडे बुलाता है। इसके बैखौफ और निडर स्वभाव के कारण इसकी जबरदस्त फैनफॉलोइंग बन गई है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी लांडे के काम करने के तरीकों से बेदह प्रभावित है।
लांडे की फैनफॉलोइंग का आलम ये है कि उनके पास हर रोज 300 से ज्यादा लड़कियों के मैसेज आते है। ये लड़कियां एसएमएस कर उनसे शादी के लिए प्रपोज करती है। लड़कियां उनके स्टाइल और बहादुरी की दीवीनी है। महाराष्ट्र के विदर्भ के रहने वाले 34 साल के लांडे इंजीनियर है, लेकिन 2006 में उन्होंने इंजीनिरिंग छोड़कर आईपीएस क्वालिफाई किया।
उनके कामों की चर्चाएं दूर-दूर है। अपने काम के प्रति उनकी ईमानदारी का ही नतीजा है कि उनका ट्रांसफर होता रहता है, लेकिन लांडे इनसब से घबराने वाले नहीं है। वो जहां जाते है वहीं अपराधियों की हालत खराब हो जाती है। पटना और अररिया से लांडे के स्थानांतरण-आदेश की जानकारी के बाद लोग सड़कों पर उतर आए थे जो अपने जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में केवल लांडे को ही देखना चाहते थे।
देश की बागडोर असल मायने में अफसरों के हाथ में होती है।यदि नौकरशाही दुरुस्त हो तो कानून-व्यवस्था चाकचौबंद रहती है।जिस तरह से भ्रष्टाचार का दीमक नौकरशाही को खोखला किए जा रहा है, लोगों का उससे विश्वास उठता जा रहा है।लेकिन कुछ ऐसे भी आईएएस और आईपीएस अफसर हैं, जो अपनी साख बचाए हुए हैं।उनके कारनामे आज मिशाल के तौर पर पेश किए जा रहे हैं।
बिहार कैडर के आईपीएस अफसर शिवदीप वामन लांडे की कहानी….
महाराष्ट्र के अकोला जिले के परसा गांव में एक किसान परिवार में जन्मे लांडे 2006 बैच के आईपीएस अफसर हैं।वह दो भाइयों में से बड़े हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मुंबई में रहकर यूपीएससी की तैयारी की थी।इसके बाद उन्होंने भारतीय राजस्व विभाग में भी नौकरी की थी। इसी बीच उनका यूपीएससी में चयन हो गया।शिवदीप की शादी महाराष्ट्र के मंत्री विजय शिवतारे की बेटी ममता से हुई है।एक दोस्त के घर पर आयोजित पार्टी में शिवदीप और ममता की पहली मुलाकात हुई।यह मुलाकात आगे चलकर पहले प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने 2 फरवरी 2014 को शादी कर ली। दोनों की एक बेटी भी है। ममता ने मुंबई में ही पढ़ाई किया है।बिहार कैडर के अधिकारी लांडे की पहली नियुक्ति मुंगेर जिले के नक्सल प्रभवित जमालपुर में हुई थी। पटना में अपने कार्यकाल के दौरान अपनी अनोखी कार्यशैली की वजह से शिवदीप पूरे देश में मशहूर हो गए लेकिन अपराधियों की आंखों में खटकने लगे। इसलिए उनका बार-बार ट्रांसफर किया जाता रहा। अब वह महाराष्ट्र वापस जाने की तैयारी कर रहे हैं।पटना से जब उनका अररिया ट्रांसफर हो गया तो भी लोगों की दीवानगी उनके प्रति कम नहीं हुई है। लड़कियों के फोन और एसएमएस उनको आने लगे। इस पर शिवदीप का कहना है, ‘लोगों का भरोसा मुझ पर है, इसलिए वे मुझे फोन या एसएमएस करते हैं। मीडिया उन्हें ‘दबंग’ पुलिस अधिकारी की छवि जरूर दी है, लेकिन वह दबंग नहीं हैं।’
बताया जाता है कि शिवदीप लांडे अपनी ड्यूटी पर जितना सख्त नजर आते हैं, वह उतने ही विनम्र हैं। वह अपनी सैलरी का 60 फीसदी हिस्सा एनजीओ को दान कर देते हैं। इसके अलावा कई सामाजिक कार्यों में भी वह सहयोग करते हैं। उन्होंने कई गरीब लड़कियों की सामूहिक शादी भी करवाई है। लड़कियों की सुरक्षा के लिए काम किया है।पटना कार्यकाल के दौरान शिवदीप ने मनचलों पर को खूब सबक सिखाया। लड़कियां खुद को सुरक्षित महसूस करने लगी थी। छात्राओं के मोबाइल में उनका नंबर जरुर होता था।एक बार पटना में शहर के बीचो-बीच तीन शराबी एक लड़की को छेड़ रहे थे।उसने शिवदीप को फोन किया।उन्होंने लड़की को बचाकर मनचलों को गिरफ्तार कर लिया।रोहतास कार्यकाल के दौरान शिवदीप ने खनन माफियाओं की नींद उड़ा दी थी। फिल्मी अंदाज में उन्होंने खुद जेसीबी चलाकर अवैध स्टोन क्रेशरों को नष्ट करना शुरू किया तो माफियाओं में हड़कंप मच गया।इस अभियान के बाद उनका ट्रांसफर कर दिया गया। लेकिन वह जहां भी रहते हैं, अपराध से समझौता नहीं करते।

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