अपोलो टायर्स का पूर्वी भारत के पहले रीट्रेड जोन का शुभारंभ
जमशेदपुर: भारत की अग्रणी टायर निर्माता अपोलो टायर्स ने शुक्रवार को जमशेदपुर में पूर्वी भारत के पहले अपोलो रीट्रेड ज़ोन (एआरज़ेड) का शुभारंभ किया. अपोलो टायर्स के प्रमुख (नैशनल सेल्स) दिनेश दसानी ने इसका शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में देश का सातवां अपोलो रीट्रेड ज़ोन है. उन्होंने बताया कि ट्रकों व बसों के ग्राहकों एवं ट्रांसपोर्ट मालिकों को अच्छी गुणवत्ता की रीट्रेडिंग सेवाएं देने के उद्देश्य से खोले गए ये ज़ोन आधुनिकतम रीट्रेडिंग मशीनों, गुणवत्तापूर्ण रीट्रेड सामग्री और प्रशिक्षित कर्मचारियों से लैस हैं. वाणिज्यिक वाहन श्रेणी में अग्रणी कंपनी, विशेषकर भारत में, होने के नाते अपोलो टायर्स ग्राहकों को 360 डिग्री सॉल्यूशन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमे रीट्रेडिंग भी शामिल है. इससे टायर की उम्र बढ़ती है. ट्रक- बस श्रेणी में रेडियल टायरों के बढ़ते उपयोग ने रीट्रेडिंग के लिए संभावनाएं बढ़ा दी हैं और इस तरह ग्राहकों को अच्छी गुणवत्ता की रीट्रेडिंग सेवाएं देने के लिए ऐसे आउटलेटों की मांग भी बढ़ेगी. इन रीट्रेडिंग आउटलेटों को बुनियादी ढांचा सपोर्ट देने के साथ ही अपोलो टायर्स एआरज़ेड के कर्मचारियों को चेन्नई स्थित अपने अत्याधुनिक रीट्रेड रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण भी देगी. अच्छी गुणवत्ता की रीट्रेड, जो अभी देश में उपलब्ध नहीं है, की मांग को देखते हुए कंपनी इस वित्त वर्ष के अंत तक देश भर में ऐसे 20 ब्रांडेड रीट्रेड आउटलेट खोलने की योजना बना रही है. ट्रकों और बसों के सभी रेडियलों का ढांचा बहुत मज़बूत होता है और इसलिए ये कई बार रीट्रेड करा सकते हैं और हर रीट्रेड की लागत नए टायर के मुकाबले 25% से 27% कम पड़ती है, जबकि यह नए टायर का 90% माईलेज देते हैं. भारतीय रीट्रेडिंग उद्योग धीरे- धीरे बढ़ रहा है और संगठित भी हो रहा है. ग्राहक अब अपने टायरों पर कई बार रीट्रेडिंग करा रहे हैं और वे टायर निर्माता से ही ऐसा करने को तरजीह दे रहे हैं. जमशेदपुर में टाटा मोटर्स और टाटा स्टील जैसी बड़ी कंपनियों व कई छोटी कंपनियों की मौजूदगी के कारण यहां बड़ी संख्या में वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही होती है, विशेष रूप से ट्रेलरों की. इसलिए इस शहर में अच्छी रीट्रेडिंग की काफी संभावनाएं हैं. जयपुर, चेन्नई, नवी मुंबई, मंगलौर, पुणे और औरंगाबाद में अपोलो के रीट्रेडिंग ज़ोन हैं.
