सोनारीवासी विधुत शवदाह गृह बनने के खिलाफ पहुँचे उपायुक्त कार्यालय

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रवि कुमार झा,जमशेदपुर,18 जुन
विद्युत शवदाह गृह के खिलाफ सोनारी के लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया. डीसी ऑफिस पर प्रदर्शन कर इन लोगों ने मांग की कि किसी भी हाल में विद्युत शवदाह गृह का निर्माण नहीं किया जाये. विधायक बन्ना गुप्ता के खिलाफ भी यहां जमकर नारेबाजी की. सोनारी के आम लोगों के अलावा इसमें जॉगर्स पार्क में मॉर्निग वॉक करने वाले स्थानीय लोग, जनसुविधा समिति समेत तमाम राजनीतिक दलों के लोग भी मौजूद थे.
सोनारी फागुबाबा शमशान घाट के पास विद्युत शवदाह गृह बनाये जाने की योजना चल रही है. इस योजना के खिलाफ आम लोगों का एक जुलूस जुबली पार्क से निकाली गयी. सारे लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर चल रहे थे. सारे लोग किसी भी हाल में विद्युत शवदाह गृह नहीं बनाने की मांग कर रहे थे. हर कोई राज्य सरकार और जिला प्रशासन का विरोध कर रहे थे और यह मांग कर रहे थे कि वहां के लोगों का ख्याल रखते हुए विद्युत शवदाह गृह बनाने का प्रस्ताव वापस ले लिया जाये. इसके बाद सारे लोगों ने जमकर नारेबाजी की और उपायुक्त की गैर मौजूदगी में एडीसी गणोश कुमार, एसडीओ प्रेमरंजन समेत कई अन्य लोगों ने जमकर हंगामा किया. इन लोगों ने जमकर बवाल काटा. सोनारी के लोगों ने साफ तौर पर घोषणा की है कि वे लोग जान दे देंगे, लेकिन वहां विद्युत शवदाह गृह बनने नहीं देंगे. इन लोगों ने बताया कि शमशान घाट पहले से ही, कबीरपंथी लोगों का हमेशा से वहां शमशान घाट चल रहा है, जो चले, हम लोगों को ऐतराज नहीं है, लेकिन विद्युत शवदाहगृह नहीं बनाया जाये, यह उनकी मांग है. इस आंदोलन में मुख्य रुप से आरएन रानासरिया, आरपी त्यागी, टीनु अग्रवाल, जयप्रकाश सिंह, झामुमो के जिला महासचिव लालटू महतो, गोपाल महतो, भाजपा नेता चुन्नु भूमिज, सोनू पांडेय समेत कई अन्य लोग मौजूद थे.
यह है स्थानीय लोगों का विरोध का कारण :
* शवदाहगृह जहां प्रस्तावित है, वह घनी आबादी वाला इलाका है, जहां के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा
* जहां शवदाहगृह बनाया जाना है, वहां स्कूल है और आवासीय स्कूल में रात दिन बच्चे रहते है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है
* जो जमीन पर शवदाहगृह बनाया जाना है, वह स्कूल के लिए प्रस्तावित है
* बगल में जॉगर्स पार्क है, जहां हर दिन एक हजार लोग सुबह और शाम टहलने आते है, बच्चों के खेलने का मैदान है
* वहां की आबोहवा खराब हो जायेगी
* सुवर्णरेखा और पार्वती घाट में अतिरिक्त फर्नेस का जब निर्माण चल रहा है तो फिर यहां कोई जरूरत नहीं है
* टाटा स्टील ने भी किसी तरह का एनओसी नहीं दिया है, फिर क्यों इस तरह का आंदोलन किया जा रहा

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