कश्मीर: आतंकी हमलों में 11 जवान शहीद

मोदी बोले-125 करोड़ देशवासी नहीं भूलेंगे शहादत

 

संवाददाता.श्रीनगर: जम्मु -काशमीर में शुक्रवार को चार आतंकी हमले हुए। इसमें सेना के 8 जवान समेत 11 सुरक्षाकर्मी मारे गए। पीएम मोदी के चुनावी रैली से तीन दिन पहले हुए इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। उधर, सेना प्रमुख जनरल दलबीर सुहाग ने पीएम से मुलाकात करके मामले की जानकारी दी। पीएम ने देर शाम ट्वीट करके शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। कहा कि 125 करोड़ देशवासी इन जवानों की शहादत कभी नहीं भूलेंगे।

 

बड़ी वारदात को अंजाम देना था मकसद

सबसे पहले बारामूला के उरी में सेना के एक कैंप पर हमला किया गया, जिसमें सेना के आठ और पुलिस के तीन जवान शहीद हो गए। सभी 6 आतंकवादी ढेर कर दिए गए। दूसरा हमला श्रीनगर के सौरा में हुआ। यहां सेना ने एक आतंकी को मार गिराया। आतंकियों ने शोपियां में एक थाने पर ग्रेनेड फेंका, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। इसके अलावा, दक्षिणी कश्मीर के ट्राल इलाके में एक बस स्टैंड को आतंकियों ने निशाना बनाते हुए ग्रेनेड फेंका, जिसमें एक व्यक्ति मारा गया, जबकि 7 नागरिक घायल हो गए। बता दें कि पीएम मोदी सोमवार को विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यहां चुनाव प्रचार करने पहुंचने वाले हैं। यहां विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के दौरान नौ दिसंबर को मतदान होना है। उधर, सौरा पर हुए हमले को लेकर कश्मीर के आईजी एजी मीर ने कहा, ”हमें इंपुट्स मिले थे कि आतंकी कश्मीर में कुछ बड़ी वारदात करने के फिराक में थे। इस हालत से निपटने के लिए श्रीनगर पुलिस को बधाई।”

 

सेना ने उरी में हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों के पास से एके 47 राइफलों के अलावा 55 मैगजीन, दो शॉटगन, दो नाइटविजन दूरबीन, 4 रेडियो सेट, 32 ग्रेनेड, 1 मेडिकल किट बरामद किया।

 

तड़के हमला शुरू

उत्तरी कश्मीर में बारामूला जिले के सीमावर्ती शहर उरी स्थित सैन्य शिविर पर छह आतंकियों ने शुक्रवार तड़के साढ़े 3 बजे के करीब हमला कर दिया। उन्होंने शिविर पर पहले हथगोले फेंके और बाद में अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी। शिविर के बाहर ही आतंकवादियों ने एक अधिकारी समेत दो पुलिसकर्मियों को मार दिया। इसके बाद आतंकवादी शिविर में घुस आए। सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

 

आतंकी घटनाएं बढ़ीं

बता दें कि इससे कुछ दिन पहले भी श्रीनगर के लाल चौक पर आतंकियों ने सेना के जवानों पर ग्रेनेड हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन निशाना चूकने की वजह से वह पहले ही फट गया। इस हमले में 7 लोग घायल हुए थे। जबकि नवंबर माह के अंत में जम्मू से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे अरनिया सेक्टर के कथार गांव में भी आतंकियों ने सेना के खाली पड़े बंकर पर कब्जा कर फायरिंग की थी, जिसमें सेना के तीन जवान और इतने ही स्थानीय नागरिक मारे गए थे, जबकि कई घायल हुए थे।

 

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