डेस्क।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के सिलीगुड़ी जंक्शन के समीप स्थित सेवक (Sivok) और गुलमा (Gulma) स्टेशनों के बीच बुधवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। तड़के करीब 3:00 बजे रेलवे ट्रैक पर अचानक एक जंगली हाथी आ गया था। लेकिन, मालगाड़ी के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट की त्वरित सतर्कता और सूझबूझ के कारण हाथी की जान सुरक्षित बच गई। इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों ने ट्रेन के दोनों पायलटों की जमकर सराहना की है।
देर रात रेलवे ट्रैक पर आया गजराज
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बुधवार तड़के सुबह 3:00 बजे की है। डाउन बीसीएन एम्प्टी (Dn BCN Empty) मालगाड़ी अपने निर्धारित मार्ग से गुजर रही थी। सेवक और गुलमा के बीच का यह इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है और अक्सर यहां वन्यजीव रेलवे ट्रैक के आस-पास भटक कर आ जाते हैं। जब यह ट्रेन किलोमीटर 17/4-3 के पास पहुंची, तो ट्रेन के चालक दल को ट्रैक पर एक विशालकाय हाथी पार करता हुआ नजर आया। रात के घने अंधेरे के बावजूद उन्होंने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया।
एस.बी. सिंह और एस.के. केशरी ने दिखाई मुस्तैदी
उस समय मालगाड़ी के संचालन की जिम्मेदारी ऑन-ड्यूटी लोको पायलट (LP) एस.बी. सिंह और सहायक लोको पायलट (ALP) एस.के. केशरी के कंधों पर थी। जैसे ही उनकी नजर ट्रैक पार कर रहे उस अकेले जंगली हाथी पर पड़ी, उन्होंने बिना एक भी सेकंड गंवाए तुरंत ट्रेन की गति को नियंत्रित करना शुरू कर दिया। उनके शानदार रिफ्लेक्स और आपातकालीन ब्रेक लगाने की त्वरित कार्रवाई से ट्रेन हाथी से कुछ ही दूरी पर सुरक्षित रूप से रुक गई।
While working Dn BCN Empty today morning at 3.00 hrs, on duty LP Sri S.B.Singh & ALP Sri S.K.Keshari noticed one elephant crossing the track at Km 17/4-3 between Sivok-Gulma & immediately controlled the train to let it cross safely. @RailMinIndia@RailNf pic.twitter.com/KEYwuZ0k3x
— ALIPURDUAR DIVISION (@drm_apdj) June 16, 2026
सुरक्षित जंगल की ओर लौटा हाथी
ट्रेन के रुक जाने के बाद, हाथी बिना किसी घबराहट के आराम से रेलवे ट्रैक पार कर गया और सुरक्षित घने जंगलों की ओर चला गया। जब हाथी पूरी तरह से ट्रैक से दूर चला गया, तब जाकर पायलटों ने राहत की सांस ली और ट्रेन को अपनी आगे की यात्रा के लिए सावधानीपूर्वक रवाना किया। उत्तर बंगाल के डुआर्स क्षेत्र में स्थित इस रूट पर कई एलिफेंट कॉरिडोर मौजूद हैं, जहां हाथियों का झुंड अक्सर पार करता है।
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वन्यजीव संरक्षण में रेलवे का अहम योगदान
भारतीय रेलवे द्वारा लगातार वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील इलाकों में गति सीमा निर्धारित करने के साथ-साथ ट्रेन चालकों को विशेष रूप से सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए जाते हैं। हाथियों को ट्रैक से दूर रखने के लिए ‘इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम’ जैसी तकनीकें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, लोको पायलट एस.बी. सिंह और एएलपी एस.के. केशरी की इस मानवीय सूझबूझ ने यह साबित कर दिया है कि वन्यजीवों की रक्षा में सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है। दोनों कर्मचारियों ने ड्यूटी के साथ-साथ प्रकृति के प्रति अपनी गहरी जिम्मेदारी निभाई है।

