टाटा स्टील ने अशिक्षित महिलाओ के लिए वयस्क साक्षरता कार्यक्रम की शुरुआत की

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संवाददाता,जमशेदपुर, 26 मई,

किसी व्यक्ति के संपूर्ण विकास तथा समाज के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय आय में वृद्धि से है, जो कार्यबल की उत्पादक क्षमता में सुधार लाकर हासिल किया जा सकता है। लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना काफी चुनौतीपूर्ण कार्य है और इस सामाजिक बदलाव में शिक्षा अहम भूमिका निभाता है। आजादी के बाद से ही महिलाओं को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का प्रावधान, राष्ट्रीय प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। लेकिन इन प्रयासों के महत्वपूर्ण परिणाम देखने को नहीं मिले और देश में आज भी शिक्षा के मामले में लिंग भेद बरकरार है। टाटा स्टील ने अशिक्षित महिलाओं खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाली वंचित तबके की महिलाओं के बीच साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए वयस्क साक्षरता की जरूरत को महसूस किया और इस दिशा में पहल की। अशिक्षा और असमानता के मुद्दे के समाधान के लिए टाटा स्टील के अर्बन सर्विसेज विभाग ने टाटा स्टील के गैर स्वामित्व/लीजधारी क्षेत्रों में रहनेवाली महिलाओं को वयस्क साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से कार्यात्मक

रूप से साक्षर बनाने हेतु एक स्थायी समाधान प्रदान करने का प्रयास किया है। इस कड़ी में 25 मई को

बाबुडीह के लाल भट्टा बस्ती में वयस्क साक्षरता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का प्रमुख

लक्ष्य बाबुडीह लाल भट्टा बस्ती में रहनेवाली 18-45 वर्ष की महिलाएं हैं। करीब 30 महिलाओं ने इन कक्षाओं

के लिए अपना नामांकन कराया है। इस अवसर पर श्री आर एस पांडेय, सीनियर मैनेजर, अर्बन सर्विसेज, गुरबारी हेम्ब्रम, मैनेजर, अर्बन सर्विसेज,  बिपुल कुमार, एरिया आफिसर, काशीडीह, बीरधन मरांडी, एरिया आफिसर, बारीडीह सेंटर, और बाबुडीह लाल भट्टा बस्ती के कुछ बुद्धिजीवी लोग उपस्थित थे। समारोह के दौरान बस्ती के करीब 500 लोग भी उपस्थित थे और उन्होंने अर्बन सर्विसेज के प्रयासों की सराहना की।

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