जमशेदपुर: झारखंड के प्रारंभिक एवं माध्यमिक अल्पसंख्यक, अनुदानित एवं गैर सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के प्रति मुख्यमंत्री का रवैया काफी संवेदनशील सराहनीय एवं अनुकरणीय है।
झारखंड राज्य अल्पसंख्यक प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक महासंघ की वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताया गया कि कोविद 19 कोरोना के इस भयावह दौर में शिक्षकों के साथ सरकार का रवैया काफी हमदर्दी भरा रहा है। समय पर वेतन मद की राशि जिलों को प्राप्त हो रही है।वित्तीय वर्ष 2020 एवं 2021 में सरकार ने अप्रैल महीने में ही वेतन मद का आवंटन जिला को जारी कर दिया था और फरवरी 2021 तक जिला को राशि भेजी गई। अल्पसंख्यक शिक्षकों के वेतन मद के आवंटन में यह सुनहरा इतिहास मुख्यमंत्री जी ने गढ़ा है।झारखंड महासंघ के संयुक्त सचिव रमेश कुमार सिंह एवं प्राथमिक शिक्षक संघ के निरंजन कुमार शांडिल्य ने कहा कि प्रारंभिक विद्यालयों को तो अप्रैल महीने में ही आवंटन हो गया था और माध्यमिक प्रशाखा में लिपिक के कोरौना में जाने के कारण की देरी हुई है।रमेश कुमार सिंह के अनुसार मुख्यमंत्री ने एक अरब 91 करोड़ 41 लाख 86 हजार अनुदान राशि स्वीकृत की है। उनके अनुसार दो और चार दिनों के अंदर राशि का बंटवारा होगा और जिलों में चली जाएगी।
वहीं संयुक्त सचिव ने शिक्षकों को सरकारी निर्देशानुसार वर्चुअल क्लास लेने का आग्रह किया है जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हो। उन्होंने शिक्षकों से भी इन्नोवेटिव आइडिया लाने एवं विद्यार्थियों तक प्रेषित करने का भी आग्रह किया है।उनके अनुसार अभी अनिश्चितता का माहौल है और ऐसे में घरों में खुद को सुरक्षित रखते हुए विद्या की दीप को प्रज्वलित एवं आलोकित रखना है।वही वर्चुअल बैठक में विभाग को आश्वस्त किया गया कि शिक्षक समुदाय सरकार एवं विद्यार्थी हित में हरसंभव योगदान देगा।इस वर्चुअल बैठक में प्रदेश पदाधिकारी बसंत कुमार मिश्रा के साथ ही जिला संघ के पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारी शामिल हुए।



