
जमशेदपुर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस की करारी हार हुई है। तृणमूल कांग्रेस की नेत्री और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मां दुर्गे के अवतार में दिख रही है। पश्चिम बंगाल में असत्य पर सत्य की जीत हुई है इसके लिए वहां की जनता तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और विजय पताका लहराने वाली ममता बनर्जी को बहुत-बहुत बधाई। अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उक्त बातें कही है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल से आरएसएस और भाजपा की तैयारी पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर की जा रही थी। आरएसएस और भाजपा की टीम कोलकाता में करीब 20 मकान लेकर सैकड़ों कार्यकर्ता वहां जमे हुए थे और हिंदू मुस्लिम कार्ड खेल रहे थे। आरएसएस और भाजपा को विश्वास था कि हिंदू-मुस्लिम कार्ड के माध्यम से पार्टी की जीत होगी। परंतु तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और ममता बनर्जी भाजपा की रणनीति को भेद कर विशाल बहुमत से विजय पताका लहरा दी। भाजपा ने बंगाल में चुनाव प्रचार और रणनीति को मंजिल तक पहुंचाने के लिए बिहार झारखंड यूपी मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और दिल्ली के कार्यकर्ताओं को वहां लगा रखा था। भाजपा के दर्जनों स्टार प्रचारक वहां बड़ी बड़ी रैलियां कर रहे थे। भाजपा ने हजारों हजार करोड़ रुपए चुनाव जीतने के लिए खर्च किया बावजूद पराजय मिली। इससे साबित होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अब पतन की ओर जा रही है । पश्चिम बंगाल की जनता ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया। आरएसएस का रणनीति भी पूरी तरह फेल हो गया। फिलहाल बंगाल में जश्न का माहौल। पूरे चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की पोल खुल गई। पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा की दबंगई को शालीनता से जवाब दिया। अधिवक्ता ने आगे कहा कि भाजपा केरल और तमिलनाडु में भी बुरी तरह पराजित हो चुकी है। देशभर के लोकतंत्र समर्थक पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की जीत को असत्य पर सत्य की जीत मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां दुर्गा असत्य को पराजित करने के लिए रण क्षेत्र में आई थी इसी प्रकार ममता बनर्जी ने असत्य को पराजित कर दी।



