
जमशेदपुर/रांची। अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के स्वास्थ्य तथा पोषण के स्तर को बढ़ाने के लिए ‘जनजातीय स्वास्थ्य सहयोग’ की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्धारा की गयी हैं। इसके तहत बहु हितगामी पहल पिरामल फाउंडेशन और बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा समर्थित है। यह विभिन्न सरकारी एजेंसीज और संस्थानों के प्रयासों को समेकित करके जनजातिय समुदायों के स्वास्थ्य और पोषण के स्तर को बेहतर करने का प्रयास किया जायेगा। जनजातीय स्वास्थ्य पहल का उद्घाटन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन और जनजातिय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा के द्वारा किया गया। जनजातीय मंत्रालय की ओर से कहा गया कि ‘अनामाया’ की सहायता से सरकारें, परोपकारी संगठन, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठन, एनजीओ साथ मिलकर भारत के जनजातीय समुदायों को जानलेवा रोगों से बचाएंगे। इस संबंध में सबसे कमजोर और जरूरतमंद समुदायों तक पहुँचने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देते हुए पिरामल एंटरप्राइजेज के चेयरमैन अजय पिरामल ने कहा कि “ट्राइबल हेल्थि कोलैबरेटिव के भागीदारों की ओर से, मुझे भारत के सबसे जरूरतमंद और कमजोर समुदाय के लोगों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति को बेहतर बनाने में योगदान देने की खुशी है। आदिवासी/जनजातीय मामलों के केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि ‘‘जनजातिय कार्य मंत्रालय“ राज्य सरकारों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर जनजातीय समुदायों की स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने के लिए अथक प्रयास कर रहा है। मंत्रालय ने जनजातीय स्वास्थ्य कार्य योजना के माध्यम से जनजातीय स्वास्थ्य मुद्दों के समाधान के लिए एक रोडमैप बनाया है। हम एक मिशन/अभियान के तहत आदिवासी स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर जनजातीय समुदायों के जीवन को समृद्ध करने की हमारी परिकल्पनाओं एवं योजनाओं को पूरा करने के लिए प्रयासरत हैं। डॉ. हर्ष वर्धन मंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने “जनजातिय कार्य मंत्रालय” के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय स्वास्थ्य सहयोग का शुभारंभ मेरे लिए एक सपने जैसा है। स्वास्थ्य एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ हर मंत्रालय योगदान दे सकता है। हम सभी जानते हैं कि आदिवासी क्षेत्र मुख्य धारा से कटा हुआ है। केवल प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा ही नहीं बल्कि अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हम सबसे अधिक हाशिए पर रहने वाले लोगों को माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं।



