
जमशेदपुर। शहर की धार्मिक संस्था अतिउत्तम शक्ति परिवार द्धारा हर साल की तरह इस साल भी गुरूवार को शहर की तीन नदी क्रमशः बागबेड़ा बड़ौदा घाट, सोनारी दोमुहानी और मानगो स्वर्णरेखा नदी से लाये गये जल से अति उत्तम त्री शक्ति शिला का रुद्राभिषेक पूजा अर्चना की गयी। मानव कल्याण, समाज में शांति, देश की सुख समृद्धि और वातावरण की शुद्धि समेत कोरोना से बचाव के लिए हरहरगुटू जय माता दी मंदिर में संस्था के संस्थापक भक्त राजा सुर्य देव उत्तम परम हंस ने सुबह सात बजे से ही पूजा शुरू की। कोरोना से बचाव के सरकारी नियमों का पालन करते हुए दिन भर भक्तों का आना-जाना लगा रहा, लेकिन भीड़ नहीं लगने दिया गया। भक्तों द्धारा मंदिर का भव्य श्रृंगार किया गया था। साथ ही आमवास्या के अवसर पर गुरूवार से अतिउत्तम शक्ति परिवार द्धारा माता के दरबार में जगत पुत्री राजे राजेश्वरी राज कुमारी माँ अतिउत्तमेश्वरी का 13 दिवसीय नवरात्र का शुभारंभ किया गया। नवरात्र के अंतिम दिन 24 फरवरी बुधवार को हवन होगा। मौके पर भक्त राजा सुर्य देव उत्तम परम हंस ने भक्तों से कहा कि रूद्र पूजा भारत की एक प्राचीन पद्धति है, जिसका अनुसरण युगों-युगों से किया जा रहा है। रुद्राभिषेक कभी भी किया जाए यह बड़ा ही शुभ फलदायी माना गया हैं, लेकिन सावन में इसका महत्व कई गुणा होता हैं। इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में प्रमुख रूप से कुल्लू, दिव्यांशी, कौशल्या माता रानी, निर्मला देवी, संयुक्त देवी नोमो, संन्या, सुर्यन्शी, सुवर्ना सुर्यदेव, राधा दादी, आरती पुजा, प्रिया, किशन, उर्मिला देवी, ईश्वरी, पंकज, शशि, मनोज, गौतम, रूस्तम कुमार आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



